PATNA:जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी व पूर्व विधायक नीलम देवी को पार्टी से निष्कासित कर दिया है और अनंत सिंह की विधायकी रद्द करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है। पार्टी की इस कार्रवाई पर जेडीयू विधायक श्याम रजक ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिशुपाल की तरह अनंत सिंह की भी गलतियां गिनी जा रही थी।


उन्होंने आगे कहा कि हमारी पार्टी में जो भी निर्णय लिया जाता है, वो स्थायी फैसला होता है। हम कोई हड़ब़ड़ाहट में निर्णय नहीं लेते हैं। हम सारी चीजों की समीक्षा करते हैं और समय आने पर निर्णय लेते हैं। श्याम रजक ने कहा कि जो लोग गलती करेंगे वो जाएंगे ही।


मैंने पूर्व में ही कहा था कि हमारे वरिष्ठ नेता सारी चीजों की समीक्षा कर रहे हैं। उचित समय पर सही निर्णय लिया जाएगा। आज वो उचित समय था  जिस दिन यह निर्णय लिया गया। अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया गया।


श्याम रजक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने शिशुपाल ने कहा था कि सौ गलती मैं माफ करूंगा लेकिन सौ गलती के बाद गलती करोंगे तो जान से जाना होगा। उसी तरह हम लोगों ने अनंत सिंह की सौ गलतियां देख रहे थे। सौवा पूरा हुआ और परकाष्ठा की सीमा पार पाया गया तब यह फैसला पार्टी की ओर से लिया गया कि छह वर्षों के लिए दोनों पति-पत्नी को निष्कासित किया जाए। 


विधानसभा अध्यक्ष को इनकी सदस्यता रद्द करने के लिए पत्र भी लिखा गया। अब जब वो पार्टी के सदस्य नहीं हैं, तब विधायक रहने की बात ही नहीं है। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह लगातार सीमाओं को लांघ रहे थे, और शीर्ष नेता यह सब देख रहे थे, और इसलिए उनके ऊपर जनता दल यूनाइटेड की ओर से बड़ी कार्रवाई की गयी है। 


बता दें कि एमएलसी चुनाव में नीरज कुमार को हराने के लिए मोकामा विधायक अनंत सिंह ने कमर कस ली थी। उनके खिलाफ घूम-घूमकर जनसुराज के उम्मीदवार के समर्थन में चुनाव प्रचार कर रहे थे, इसी बात से पार्टी नाराज चल रही थी। जेडीयू ने कार्रवाई करते हुए अनंत सिंह के साथ-साथ उनकी पत्नी नीलम देवी को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। उनकी पत्नी एवं पूर्व विधायक नीलम देवी को भी जेडीयू से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। साथ ही अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता खत्म करने के लिए पार्टी ने स्पीकर को भी पत्र लिखा गया है।


अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी पर कार्रवाई के बाद जेडीयू ने बाढ़ के जिलाध्यक्ष को भी हटा दिया। जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने इस संबंध में चिट्टी जारी करते हुए कहा कि संगठनात्मक कार्यों में लगातार बरती जा रही शिथिलता को देखते हुए, संगठन जिला बाढ़ के जिलाध्यक्ष श्री मयंक राज को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त करते हुए जिला कमिटी को भंग किया जाता है।