Bihar News: बिहार के प्रसिद्ध श्रावणी मेले को वैश्विक पहचान दिलाने और राज्य की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए पर्यटन विभाग ने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए वीडियो मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की है। 



'श्रावणी मेला 2026: एक इंफ्लुएंसर की नजर से' नामक इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अब तक 132 सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं। अब इन आवेदनों की स्क्रूटनी की जाएगी। इसके बाद प्रतियोगिता में सबसे बेहतर वीडियो और रील बनाने वाले प्रतिभागियों का चयन कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।



प्रतियोगिता में विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कारों की व्यवस्था की गई है। प्रथम पुरस्कार के रूप में 3 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 2 लाख रुपये और तृतीय पुरस्कार के रूप में 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा 50 हजार रुपये के दो चौथे पुरस्कार और 25 हजार रुपये के पांच प्रशंसा पुरस्कार भी दिए जाएंगे।



पर्यटन विभाग की ओर से ऐसे इंफ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स से अधिक से अधिक भागीदारी की अपील की गई थी, जो सोशल मीडिया के माध्यम से बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाने की क्षमता रखते हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतिभागी का भारतीय नागरिक होना और उसकी आयु 18 वर्ष से अधिक होना जरूरी है। इसके अलावा फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब पर कुल मिलाकर कम से कम 25 हजार फॉलोअर्स होना अनिवार्य है।



प्रतियोगिता के तहत प्रतिभागियों को मुंगेर, बांका और भागलपुर से होकर गुजरने वाले कांवरिया पथ और श्रावणी मेले से संबंधित वीडियो या रील बनाकर प्रस्तुत करनी होगी। वीडियो की अवधि न्यूनतम 30 सेकंड और अधिकतम 2 मिनट निर्धारित की गई है। सामग्री पूरी तरह श्रावणी मेले से संबंधित होनी चाहिए। अन्य विषय की सामग्री को प्रतियोगिता के लिए अयोग्य माना जाएगा।



सभी आवेदन Google Forms के माध्यम से भेजे जाएंगे। आवेदन का लिंक पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट tourism.bihar.gov.in पर उपलब्ध कराया गया है। प्रतिभागियों को आवेदन के साथ अपना नाम, पता, जन्मतिथि, संपर्क विवरण और वैध पहचान पत्र उपलब्ध कराना होगा। इसके अलावा प्रत्येक वीडियो के साथ हिंदी या अंग्रेजी में अधिकतम 50 शब्दों का शॉर्ट एक्सप्लानेशन भी देना होगा।



पर्यटन विभाग ने वीडियो की तकनीकी गुणवत्ता को लेकर भी कुछ शर्तें निर्धारित की हैं। वीडियो HD क्वालिटी का होना चाहिए और उसका आकार 100 एमबी से 1 जीबी के बीच होना जरूरी है। इसके साथ ही वीडियो का जियोटैग्ड होना अनिवार्य किया गया है। चयनित प्रतिभागियों को पर्यटन विभाग की मांग पर वीडियो का रॉ फुटेज भी उपलब्ध कराना होगा। विभाग का उद्देश्य सोशल मीडिया के प्रभावी माध्यम का इस्तेमाल कर श्रावणी मेले और बिहार की सांस्कृतिक विरासत को व्यापक स्तर पर प्रचारित करना है।