SHEIKHPURA: बिहार के शेखपुरा जिले के रामरायपुर हाई स्कूल में कार्यरत गणित शिक्षक हरेराम को फर्जी बीएड डिग्री के आधार पर सरकारी नौकरी करने के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने 2015 में दिव्यांग कोटे से नौकरी हासिल की थी। निगरानी जांच में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की उनकी बीएड डिग्री फर्जी पाए जाने के बाद जमुई में दर्ज मामले में कार्रवाई की गई।


बिहार के शेखपुरा जिले में फर्जी बीएड डिग्री के आधार पर सरकारी शिक्षक की नौकरी करने के आरोप में गणित शिक्षक हरेराम को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जमुई पुलिस ने शेखपुरा पुलिस के सहयोग से रामरायपुर हाई स्कूल परिसर में कार्रवाई करते हुए शिक्षक को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे पुलिस अपने साथ जमुई ले गई।


बताया जा रहा है कि हरेराम ने वर्ष 2015 में दिव्यांग कोटे से शिक्षक की नौकरी हासिल की थी। नौकरी के समय उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की 752 अंकों वाली बीएड की डिग्री शिक्षा विभाग में जमा की थी। बहाली के बाद उनकी शुरुआती पोस्टिंग जमुई जिले में ही हुई थी। बाद में उनका स्थानांतरण शेखपुरा कर दिया गया, जहां वह रामरायपुर हाई स्कूल में गणित शिक्षक के पद पर कार्यरत थे।


पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की निगरानी जांच शुरू की गई थी। इसी जांच के दौरान हरेराम की बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबंधित बीएड डिग्री फर्जी पाई गई। इसके बाद उनके खिलाफ जमुई में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया था।


शेखपुरा सदर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि फर्जी डिग्री का मामला सामने आने के बाद शिक्षक के खिलाफ जमुई में केस दर्ज किया गया था। इसी मामले में जमुई पुलिस ने शेखपुरा पुलिस के सहयोग से कार्रवाई करते हुए उन्हें स्कूल परिसर से गिरफ्तार किया।


शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक, हरेराम मूल रूप से शेखपुरा जिले के घाटकुसुंभ प्रखंड के भदौस गांव के रहने वाले हैं। आरोप है कि फर्जी बीएड डिग्री के आधार पर उन्होंने वर्ष 2015 में सरकारी नौकरी हासिल की और करीब 11 वर्षों तक शिक्षक के पद पर कार्यरत रहे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।