छपरा: सारण जिले के परसा-मकेर सीमावर्ती इलाके से बड़ी खबर सामने आई है। हसनपुरा-मुरहिया बांध पर लगातार बढ़ रहे कटाव से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि समय रहते कटावरोधी कार्य नहीं कराया गया तो बांध को नुकसान पहुंच सकता है।


कटाव की सूचना मिलने के बाद बुधवार को सदर एसडीएम नितेश कुमार हसनपुरा बांध पहुंचे और कटाव प्रभावित स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और ग्रामीणों से बांध की स्थिति और कटाव की जानकारी ली।


लगातार हो रहा मिट्टी का कटाव

ग्रामीणों ने बताया कि बांध के किनारे लगातार मिट्टी का कटाव हो रहा है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में कटाव और तेज होने की आशंका है। ग्रामीणों ने कहा कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाया गया तो बांध की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो सकता है।


ग्रामीणों ने एसडीएम से कटाव प्रभावित हिस्से में पिच बोल्डर का निर्माण कराने की मांग की। उनका कहना है कि महज अस्थायी इंतजाम के बजाय बांध को मजबूत करने के लिए स्थायी कटावरोधी कार्य कराया जाना जरूरी है।


तकनीकी आकलन और युद्धस्तर पर काम की मांग

ग्रामीणों ने बांध की मौजूदा स्थिति, नदी के जलस्तर और कटाव का तकनीकी आकलन कराने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार संवेदनशील हिस्सों में युद्धस्तर पर कटावरोधी कार्य शुरू किया जाए, ताकि किसी बड़े नुकसान को रोका जा सके।


निरीक्षण के दौरान एसडीएम नितेश कुमार ने संबंधित अधिकारियों से कटाव की स्थिति और अब तक किए गए कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन मामले को गंभीरता से ले रहा है और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिया जाएगा।


फिलहाल बांध की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। ग्रामीणों ने भी कटाव प्रभावित हिस्से की लगातार निगरानी और जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है।