बिहार में शराबबंदी के बाद अब सरकार के सामने नशे के एक नए रूप से निपटने की चुनौती है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि शराबबंदी के बाद युवाओं के बीच सूखे नशे (ड्रग्स) का प्रचलन चिंता का विषय बनकर सामने आया है। ऐसे में अब नशामुक्त बिहार के अभियान को केवल शराब तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि ड्रग्स के खिलाफ भी व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद नशे के तौर-तरीकों में बदलाव देखने को मिला है। युवाओं के बीच सूखे नशे का चलन बढ़ना आने वाली पीढ़ी के लिए गंभीर खतरा है। इसलिए अब इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार को नई पहल शुरू करनी होगी। उनका जोर खास तौर पर युवाओं को इस अभियान से जोड़ने पर है, ताकि नशे के खिलाफ समाज के भीतर से ही मजबूत लड़ाई खड़ी की जा सके।
सम्राट चौधरी ने कहा कि नशामुक्त बिहार का अभियान सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित रखने का संकल्प है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि बिहार में नशे की जड़ को खत्म करना होगा। इसके लिए युवाओं को जागरूक करना, उन्हें अभियान से जोड़ना और नशे के कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई करना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ी नशे की गिरफ्त में न जाए, इसके लिए अभी से ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करें। सरकार का लक्ष्य ऐसा बिहार बनाना है, जहां नशे के लिए कोई जगह न हो।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन को भी ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में पूरी ताकत झोंकने का संदेश दिया। उन्होंने बिहार की पहली महिला डीजीपी प्रीत वर्मा की मौजूदगी का जिक्र करते हुए कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री सम्राट ने कहा कि इस कार्यक्रम में बिहार में पहली महिला डीजीपी प्रीता वर्मा जी भी उपस्थित है। लिहाजा मैं जरूर कहूंगा कि इस सेक्टर में जितना कमर तोड़ना हो अपराधी का तोड़ने की पूरी आजादी आपको है। इसको पूर्ण रूप से समाप्त कीजिए। किसी भी स्तर पर कोई ड्रग्स सप्लायर हो जो हमारे बच्चों को बर्बाद कर रहा है इसको पूरी तरह ध्वस्त करने का काम, कीजिए कहीं कोई दिक्कत नहीं है।आपको पूरी कार्रवाई करनी है तभी नशा मुक्त बिहार बनाने का अभियान सफल हो पाएगा।
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि ड्रग्स सप्लाई करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। जो लोग बिहार के बच्चों और युवाओं को नशे की ओर धकेल रहे हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस को ड्रग्स नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने और उसे पूरी तरह ध्वस्त करने का निर्देश दिया।
सम्राट चौधरी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई तभी सफल होगी, जब पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ समाज की भी भागीदारी हो। स्कूल-कॉलेजों के छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों को इस अभियान से जोड़ना होगा। नशे की मांग कम करने के साथ-साथ इसकी सप्लाई करने वाले नेटवर्क पर भी लगातार प्रहार करना होगा।
मुख्यमंत्री के इस संदेश से साफ है कि बिहार में अब शराबबंदी के बाद ड्रग्स के खिलाफ जंग को सरकार अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करने जा रही है। एक तरफ युवाओं को जागरूक करने की तैयारी है तो दूसरी तरफ नशे के सौदागरों पर पुलिस का शिकंजा कसने की रणनीति बनाई जा रही है। सरकार का मकसद साफ है—नशे के कारोबार पर चोट और युवा पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाना।