Bihar cabinet: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली NDA सरकार का आज भव्य विस्तार किया गया। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कुल 32 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। अब इन मंत्रियों के बीच विभाग का वितरण कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार में विभागों का बंटवारा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि विजय कुमार सिन्हा को कृषि विभाग दिया गया है।
बता दें कि विजय सिन्हा पहले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री थे, उन्हें रामकृपाल यादव का विभाग दिया गया है। रामकृपाल यादव पहले कृषि मंत्री थे। नीतीश मिश्रा को नगर विकास विभाग और दिलीप जायसवाल को राजस्व एवं भूमि विकास विभाग मिला है। ईं. शैलेन्द्र को पथ निर्माण विभाग और बुलो मंडल को ऊर्जा विभाग दिया गया है।
सम्राट चौधरी को सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, सिविल विमानन और ऐसे सभी विभाग जो किसी को आवंटित नहीं है। वो विभाग मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने पास रखा है। विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन और संसदीय कार्य विभाग, बिजेन्द्र यादव को वित्त और वाणिज्य कर विभाग सौंपा गया है।
श्रवण कुमार को ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जन संपर्क विभाग, विजय कुमार सिन्हा को कृषि विभाग, दिलीप जायसवाल को राजस्व एवं भूमि, निशांत कुमार को स्वास्थ्य, लेशी सिंह को भवन निर्माण, रामकृपाल यादव को सहकारिता, नीतीश मिश्रा को नगर विकास एवं आवास और सूचना प्रावैधिकी विभाग दिया गया है।
बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन बेहद अहम रहा, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार संपन्न हो गया। राजधानी पटना के गांधी मैदान में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में कुल 32 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल ने इन सभी मंत्रियों को एक साथ पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस विस्तार के साथ ही एनडीए सरकार ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सामाजिक और राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। शपथग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह, नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी, नितिन नबीन, चिराग पासवान, ललन सिंह, संजय झा सहित एनडीए के कई नेता मंच पर मौजूद थे।
नई कैबिनेट में भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड के बीच संतुलन साफ तौर पर देखने को मिला। भाजपा कोटे से 15 नेताओं को मंत्री बनाया गया, जबकि जेडीयू के खाते में 13 मंत्री गए। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से 2 नेताओं को मंत्री पद मिला है। वहीं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा से 1 और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से 1 नेता को मंत्री बनाया गया है।