Bihar Cabinet 2026 : बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा दिन आने वाला है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार 7 मई को राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। राजनीतिक हलकों में इस विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है और संभावित मंत्रियों के नामों पर चर्चा जोरों पर है।
सूत्रों के मुताबिक, इस बार कैबिनेट विस्तार में अनुभव और संतुलन दोनों को प्राथमिकता दी जा रही है। खास बात यह है कि नवंबर 2025 में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट में शामिल रहे कई पुराने चेहरों को दोबारा मौका मिलने की संभावना है। इससे साफ संकेत मिलता है कि सरकार स्थिरता और अनुभवी नेतृत्व पर भरोसा जताना चाहती है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कोटे से कई दिग्गज नेताओं की वापसी तय मानी जा रही है। संभावित नामों में विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडे, दिलीप जायसवाल, रामकृपाल यादव, श्रेयसी सिंह, रमा निषाद और प्रमोद चंद्रवंशी जैसे नाम प्रमुख हैं। इसके अलावा अरुण शंकर प्रसाद, संजय सिंह टाइगर और सुरेंद्र मेहता को भी जगह मिल सकती है।
वहीं, बीजेपी इस बार कुछ नए चेहरों को भी मौका देने के मूड में दिख रही है। पार्टी के भीतर से संजीव चौरसिया, नीतीश मिश्रा और मनोज शर्मा के नाम चर्चा में हैं। इन नए चेहरों को शामिल कर पार्टी सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश कर सकती है।
जनता दल यूनाइटेड (JDU) की बात करें तो पार्टी अपने पुराने मंत्रियों पर भरोसा बनाए रख सकती है। संभावित नामों में श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, सुनील कुमार, मदन सहनी और मो. जमा खान शामिल हैं। वहीं नए चेहरों में शीला मंडल, भगवान सिंह कुशवाहा, बुलो मंडल और विनय चौधरी को मौका मिल सकता है।
सूत्र यह भी बताते हैं कि जेडीयू ‘टीम निशांत’ से किसी युवा चेहरे को भी कैबिनेट में शामिल कर सकती है, जिससे पार्टी युवाओं को साधने की रणनीति पर काम करती दिखेगी। यह कदम आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए अहम माना जा रहा है।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) यानी LJP(R) की ओर से संजय सिंह और संजय पासवान को मंत्री पद मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) से संतोष सुमन का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है।
इसके अलावा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) की ओर से उपेंद्र कुशवाहा के परिवार से किसी एक सदस्य को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। चर्चाओं के अनुसार, उनके बेटे दीपक प्रकाश या पत्नी स्नेहलता कुशवाहा में से किसी एक को मौका दिया जा सकता है।
कुल मिलाकर यह कैबिनेट विस्तार बिहार की राजनीति में संतुलन, अनुभव और नए नेतृत्व के मिश्रण का संकेत दे रहा है। अब सबकी नजरें कल होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो जाएगा कि किसे सत्ता का हिस्सा बनने का मौका मिलता है और किसे इंतजार करना पड़ेगा।