BIHAR NEWS : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के विस्तार और नए टाउनशिप निर्माण को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार एक बड़े स्तर पर टाउनशिप विकसित करने की दिशा में काम कर रही है और भविष्य में इसकी पहचान एक नए शहर ‘पाटलिपुत्र’  के रूप में स्थापित करने की परिकल्पना की गई है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों को मौजूदा दर से अधिक मुआवजा देने और किसी भी प्रभावित परिवार को परेशानी नहीं होने देने का भरोसा भी दिलाया।


सम्राट चौधरी ने कहा कि- श्याम रजक और राम कृपाल जी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उनसे मुलाकात कर सुझाव दिया था कि जिस तरह का विशाल टाउनशिप विकसित किया जा रहा है, उसकी पहचान बिहार के गौरवशाली इतिहास से जुड़नी चाहिए। उन्होंने बताया कि - ऐसे में इस टाउनशीप की पहचान एक नए शहर पाटलिपुत्र के रूप में होना चाहिए। 


सीएम ने कहा कि कुछ लोग समय-समय पर यह मुद्दा उठाते हैं कि पटना का प्राचीन नाम पाटलिपुत्र था और इसका नाम बदल दिया जाना चाहिए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि- मेरी सोच केवल नाम बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे पटना से भी बड़े और आधुनिक शहर की कल्पना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जिस नए टाउनशिप का निर्माण कर रही है, उसे पाटलिपुत्र के नाम से विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि टाउनशिप परियोजना के कारण किसी भी किसान या स्थानीय परिवार को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। इतना ही नहीं, वर्तमान में जो मुआवजा दर निर्धारित है, उससे अधिक राशि देने पर भी सरकार विचार कर रही है।


उन्होंने कहा कि इस संबंध में आज ही कैबिनेट स्तर पर भी निर्णय लिया जाएगा ताकि प्रभावित किसानों को आर्थिक रूप से किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। सरकार का उद्देश्य विकास और जनहित के बीच संतुलन बनाए रखना है।


सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि जिन परिवारों के घरों में शादी-विवाह जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम तय हैं या जो किसी विशेष विपदा से गुजर रहे हैं, उन्हें तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारियों को पहले ही आवश्यक अधिकार दिए जा चुके हैं ताकि जरूरतमंद परिवारों को बिना किसी देरी के आर्थिक सहायता मिल सके।


उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि विकास परियोजनाओं के कारण किसी परिवार के सामाजिक या पारिवारिक कार्यक्रम प्रभावित हों। इसलिए प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए और आवश्यक भुगतान तुरंत सुनिश्चित किया जाए।


अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बिहार सरकार की प्राथमिकताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में सुशासन को और मजबूत करना, कानून का राज स्थापित करना तथा उद्योग-धंधों को बढ़ावा देना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। इसके लिए बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और नई टाउनशिप परियोजनाएं राज्य के शहरी विकास को नई दिशा देंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार आधुनिक बुनियादी सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।


सरकार का दावा है कि प्रस्तावित पाटलिपुत्र टाउनशिप न केवल पटना के बढ़ते दबाव को कम करेगी, बल्कि रोजगार, आवास और निवेश के नए अवसर भी पैदा करेगी। इसके साथ ही किसानों के हितों की रक्षा करते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई जाएगी।