पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को कथित तौर पर ईमेल के माध्यम से धमकी मिलने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। इस ईमेल में मुख्यमंत्री के साथ-साथ पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास और बिहार सचिवालय का भी उल्लेख करते हुए बम विस्फोट की धमकी दी गई है। इसके अलावा संजय वर्मा नाम के एक व्यक्ति को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं और उन्हें पटना में जान से मारने की चेतावनी भी दी गई है।


जानकारी के अनुसार, यह कथित ईमेल सोमवार (21 जुलाई) की सुबह संबंधित अधिकारियों को प्राप्त हुआ। ईमेल भेजने वाले ने खुद को खालिस्तान समर्थक बताया है और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम लेते हुए कई गंभीर दावे किए हैं। संदेश में आरोप लगाया गया है कि संजय वर्मा नामक व्यक्ति बिहार में छिपे हुए हैं और उनका संबंध हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से है। हालांकि, ईमेल में लगाए गए इन आरोपों की किसी भी सरकारी एजेंसी या स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन दावों को फिलहाल केवल ईमेल में लिखे गए आरोपों के रूप में ही देखा जा रहा है।


ईमेल में सबसे गंभीर बात मुख्यमंत्री आवास और बिहार सचिवालय को बम से उड़ाने की कथित धमकी है। साथ ही संदेश में यह भी लिखा गया है कि संजय वर्मा को पटना में खोजकर मार दिया जाएगा। ईमेल में खालिस्तान समर्थक नारे भी लिखे गए हैं, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है।


धमकी भरा ईमेल सामने आने के बाद राज्य की सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गई हैं। मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है, जबकि मुख्यमंत्री आवास, सचिवालय और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही हैं।


साइबर क्राइम विशेषज्ञों को भी जांच में शामिल किया गया है। उनका प्रयास है कि ईमेल किस आईपी एड्रेस या सर्वर से भेजा गया, किस डिवाइस का इस्तेमाल हुआ और इसके पीछे कौन व्यक्ति या संगठन हो सकता है, इसका पता लगाया जा सके। तकनीकी जांच के जरिए ईमेल की वास्तविक उत्पत्ति और उसके स्रोत की पुष्टि की जा रही है।


अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में हर धमकी को गंभीरता से लिया जाता है, चाहे बाद में वह फर्जी ही क्यों न साबित हो। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही हैं और सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।


फिलहाल पटना पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इस मामले पर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ईमेल में दी गई धमकी कितनी वास्तविक है, इसके पीछे किसकी भूमिका है और क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है।


जांच एजेंसियां ईमेल भेजने वाले की पहचान, उसके उद्देश्य और संभावित नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को पूरी तरह रोका जा सके। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और सुरक्षा एजेंसियां सभी पहलुओं पर गहन पड़ताल कर रही हैं।