Bihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में आज लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में सड़क एवं पुल अवसंरचना के विकास हेतु 21 हजार करोड़ रूपये के दीर्घकालिक वित्त पोषण के लिए पथ निर्माण विभाग एवं राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल एवं नाबार्ड के अध्यक्ष शाजी कृष्णन वी० ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।



इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विकास में नाबार्ड का काफी सहयोग मिल रहा है। हमें उम्मीद है कि आगे भी इसी तरह सहयोग मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क एवं पुल अवसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। इस समझौते से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क एवं पुल निर्माण के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे और विकास कार्यों को गति मिलेगी।



मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क और पुल राज्य के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत सड़क संपर्क विकसित होने से लोगों का आवागमन सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। 21 हजार करोड़ रूपये के दीर्घकालिक वित्त पोषण से सड़क एवं पुल परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय व्यवस्था और सुदृढ़ होगी।



नाबार्ड के अध्यक्ष शाजी कृष्णन वी० ने कहा कि बिहार तेजी से विकास कर रहा है। बिहार के विकास में जिस भी प्रकार की मदद की आवश्यकता होगी, नाबार्ड सहयोग करेगा। उन्होंने राज्य में आधारभूत संरचना के विकास में नाबार्ड की सहभागिता को आगे भी जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।



इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 'नाबार्ड इन बिहार' पुस्तक का विमोचन किया। समारोह के दौरान पारंपरिक कला एवं शिल्प के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए भोजपुर के संजीव सिन्हा को पिड़िया पेंटिंग, गया के रविंद्र नाथ गौड़ को पत्थर कट्टी तथा नालंदा की बावन बूटी कला के लिए सुरेश देव को जी०आई० प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया।



इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, पथ निर्माण विभाग के मंत्री कुमार शैलेन्द्र, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल सहित नाबार्ड एवं राज्य सरकार के कई वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।