पटना: बिहार की सम्राट सरकार की कैबिनेट बैठक में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक, अभद्र और गाली-गलौज वाली पोस्ट करने वालों पर सख्ती को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार के इस निर्णय के बाद अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भाषा की मर्यादा तोड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस फैसले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। राजद विधायक बोगो सिंह ने सरकार के इस फैसले का समर्थन करते हुए इसे सही कदम बताया है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा और गाली-गलौज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। समाज में अपनी बात रखने के लिए शालीनता और संयम जरूरी है।
‘गाली देने की जरूरत ही क्यों पड़ेगी?’- बोले बोगो सिंह
राजद विधायक बोगो सिंह ने कहा कि बिहार महात्मा गांधी यानी बापू की धरती है। यहां हिंसा और अपशब्दों की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा, "कोई भी गाली क्यों देगा? यह बापू का देश है। हिंसा और गाली को हम स्वीकार नहीं करते हैं। समाज के हर वर्ग तक अपनी बात शालीनता और संयम के साथ पहुंचाने का प्रयास होना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि सरकार के इस फैसले का वह स्वागत करते हैं। सोशल मीडिया आज के समय में संवाद का बड़ा माध्यम बन चुका है, ऐसे में इसका इस्तेमाल सकारात्मक तरीके से होना चाहिए।
नशा मुक्ति अभियान का भी किया समर्थन
वहीं बिहार में नशा मुक्ति अभियान को लेकर भी बोगो सिंह ने सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि नशा समाज के लिए एक बड़ी समस्या है और इससे युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है। राजद विधायक ने कहा कि वह पूरी तरह से नशा मुक्त बिहार अभियान का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार जिस तरह से नशे के खिलाफ काम कर रही है, उसके लिए सरकार को धन्यवाद देना चाहिए। उन्होंने कहा, "हम नशा मुक्त बिहार का 100 प्रतिशत समर्थन करते हैं। दिल की गहराई से बिहार सरकार को धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने नशा मुक्ति को लेकर काम किया है।"
तेजस्वी यादव को लेकर सवाल पर दिया जवाब
इस दौरान जब उनसे राजद नेता तेजस्वी यादव से जुड़े सवाल पूछे गए तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। बोगो सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव को कौन ढूंढ रहा है, यह वह नहीं जानते हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर ज्यादा कुछ बोलने से इनकार करते हुए कहा कि पार्टी और नेता अपने स्तर पर काम कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर बढ़ती अभद्रता को लेकर सरकार सख्त
गौरतलब है कि सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ही कई बार आपत्तिजनक टिप्पणी, फर्जी जानकारी और अभद्र भाषा के मामले सामने आते रहे हैं। सरकार का मानना है कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का माध्यम है, लेकिन इसका इस्तेमाल समाज में तनाव फैलाने या किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। कैबिनेट के इस फैसले के बाद अब सोशल मीडिया यूजर्स को सावधानी बरतनी होगी। किसी व्यक्ति, समुदाय या संस्था के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
बिहार सरकार के इस कदम को जहां कुछ लोग सोशल मीडिया पर अनुशासन लाने की दिशा में जरूरी बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि राजद विधायक बोगो सिंह जैसे नेताओं ने सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए इसे समाज में शालीनता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बताया है।