Bihar Cabinet : बिहार सरकार की सम्राट कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक बुधवार शाम 5 बजे मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में राज्य सरकार के सभी मंत्री शामिल होंगे। माना जा रहा है कि बैठक में कई महत्वपूर्ण विभागीय प्रस्तावों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी तथा अनेक अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। बैठक के बाद शाम 6 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए कैबिनेट के फैसलों की आधिकारिक जानकारी दी जाएगी।
राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि हाल के दिनों में राज्य सरकार लगातार विकास, रोजगार, शहरीकरण और जनकल्याण से जुड़े कई बड़े फैसले लेती रही है। ऐसे में इस बैठक से भी नई घोषणाओं और योजनाओं की उम्मीद की जा रही है।
इससे पहले 27 मई को आयोजित कैबिनेट बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी। उस बैठक का सबसे चर्चित निर्णय बिहार स्वास्थ्य योजना का विस्तार था। सरकार ने विधायकों, पूर्व विधायकों, विधानमंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी थी। इस फैसले के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के लिए पहले से भुगतान नहीं करना पड़ेगा, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
इसके अलावा शराबबंदी कानून से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए मधुबनी और दरभंगा में दो नए विशेष न्यायालय स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया था। सरकार का मानना है कि इन अदालतों के गठन से लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी और न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।
सम्राट सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में राज्य के शहरी विकास को नई दिशा देने वाला बड़ा फैसला भी लिया गया था। सरकार ने बिहार में 11 आधुनिक सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना को मंजूरी दी थी। इन प्रस्तावित शहरों के विकास के लिए चयनित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई थी ताकि सुनियोजित तरीके से शहरी विस्तार सुनिश्चित किया जा सके।
मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, भागलपुर और छपरा के आसपास के क्षेत्रों में यह प्रतिबंध 30 जून 2027 तक लागू रहेगा, जबकि पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर के निकट चयनित इलाकों में 31 मार्च 2027 तक जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक प्रभावी रहेगी।
इन नई टाउनशिपों को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने के लिए उनके नाम भी विशेष रूप से चुने गए हैं। पटना के निकट विकसित होने वाली टाउनशिप का नाम ‘पाटलिपुत्र’ और सोनपुर के पास बनने वाले नए शहर का नाम ‘हरिहरनाथपुर’ रखा जाएगा। नगर विकास एवं आवास विभाग इन सभी क्षेत्रों के लिए विस्तृत मास्टर प्लान तैयार कर रहा है, जिसके आधार पर भूमि उपयोग, आधारभूत संरचना और निर्माण गतिविधियों की रूपरेखा तय की जाएगी।
सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को भी बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए घर बैठे भूमि रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत सरकारी कर्मचारी स्वयं उनके घर जाकर रजिस्ट्री संबंधी औपचारिकताएं पूरी करेंगे।
वहीं, 29 अप्रैल को हुई सम्राट सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक में रिकॉर्ड 63 एजेंडों को मंजूरी दी गई थी। इस बैठक का सबसे बड़ा फैसला रोजगार और सरकारी नियुक्तियों से जुड़ा रहा। बिहार पुलिस में 20,937 पदों पर भर्ती को स्वीकृति दी गई, जिनमें आधे पद पदोन्नति और शेष सीधी नियुक्ति के माध्यम से भरे जाएंगे। इसके अलावा शिक्षा विभाग में 9,152 पदों, ट्रैफिक पुलिस में 485 पदों और वन एवं पर्यावरण विभाग में 313 पदों के सृजन और भर्ती को भी मंजूरी मिली थी।आज होने वाली कैबिनेट बैठक पर अब पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं। उम्मीद की जा रही है कि सरकार विकास, रोजगार, आधारभूत संरचना और जनकल्याण से जुड़े कई नए फैसलों की घोषणा कर सकती है।