First Bihar Jharkhand: समस्तीपुर शहर के बीएड कॉलेज मोहल्ले में बदहाल स्थिति में चल रहे प्राथमिक विद्यालय को लेकर First Bihar/Jharkhand पर खबर प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है. खबर में स्कूल की जर्जर व्यवस्था, टपकती छत, बच्चों के जमीन पर बैठकर पढ़ने और बुनियादी सुविधाओं की कमी का मामला सामने लाया गया था. इसके अगले ही दिन शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालय के संचालन को लेकर नया आदेश जारी किया गया है.


विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार प्राथमिक विद्यालय बीएड कॉलेज वर्तमान में बीएड कॉलेज कैंपस में संचालित हो रहा था. विद्यालय भूमिहीन एवं भवनहीन है और एस्बेस्टस के कमरों में संचालित किया जा रहा था. स्कूल में कुल 60 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जबकि चार शिक्षक कार्यरत हैं.


विभाग ने बताया कि भूमिहीन और भवनहीन विद्यालयों को नजदीकी विद्यालय से संबद्ध कर संचालित करने को लेकर पहले भी निर्देश जारी किए गए थे. कार्यालय पत्रांक 929 दिनांक 10 दिसंबर 2020 और पत्रांक 14 दिनांक 10 जनवरी 2021 के माध्यम से सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिया गया था.


इसी निर्देश के तहत प्राथमिक विद्यालय बीएड कॉलेज को मध्य विद्यालय मुसापुर से संबद्ध कर संचालित करने का आदेश दिया गया था. हालांकि, संबद्ध किए गए विद्यालय की दूरी एक किलोमीटर से अधिक होने और ग्रामीणों के विरोध के कारण प्राथमिक विद्यालय बीएड कॉलेज को मध्य विद्यालय मुसापुर में संचालित नहीं किया जा सका.


खबर के बाद विभाग ने लिया संज्ञान

First Bihar/Jharkhand पर स्कूल की स्थिति से जुड़ी खबर सामने आने के बाद विभाग ने विद्यालय की मौजूदा स्थिति का संज्ञान लिया. 1 सितंबर 2026 को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, समस्तीपुर ने विद्यालय का निरीक्षण किया. निरीक्षण और प्रधानाध्यापक की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर छात्रों और शिक्षकों के हित में विद्यालय के संचालन को लेकर नया निर्णय लिया गया.


प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने 1 सितंबर को पत्रांक 1023 जारी करते हुए प्राथमिक विद्यालय बीएड कॉलेज को बसाव क्षेत्र से निकटतम विद्यालय +2 तिरहुत एकेडमी, समस्तीपुर से संबद्ध करने का आदेश दिया है.


अब निकटतम विद्यालय से संबद्ध होकर होगा संचालन

विभाग के आदेश के अनुसार प्राथमिक विद्यालय बीएड कॉलेज को अब +2 तिरहुत एकेडमी, समस्तीपुर से संबद्ध कर संचालित किया जाएगा. यह निर्णय शैक्षणिक सुविधा और छात्रों एवं शिक्षकों के हित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.


इससे पहले स्कूल के बच्चे सीमित संसाधनों वाले एस्बेस्टस के कमरों में पढ़ाई करने को मजबूर थे. विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई संचालित होती थी, जबकि स्कूल के पास अपना भवन और जमीन नहीं थी. अब विभाग की ओर से जारी नए आदेश के बाद विद्यालय के संचालन के लिए नजदीकी संस्थान से संबद्धता तय की गई है.