Ruban Memorial Hospital: रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल ने अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 100 से अधिक रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी कर ली हैं। यह उपलब्धि बिहार और झारखंड में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।


रुबन हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक डॉ. सत्यजीत कुमार सिंह ने कहा कि वर्ष 1996 में अपनी स्थापना के समय से ही रुबन का उद्देश्य बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर मूल्य संवर्धन (Value Addition) करना रहा है। इसी सोच के तहत बिहार और झारखंड में पहली बार लिथोट्रिप्सी (बिना चीरा लगाए पथरी का उपचार) जैसी आधुनिक तकनीक की शुरुआत की गई थी। इसके बाद अस्पताल ने राज्य के युवा चिकित्सकों को नवीनतम तकनीकों के साथ काम करने का अवसर प्रदान करते हुए चिकित्सा सेवाओं को लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।


इसी क्रम में रुबन ने बिहार एवं झारखंड में पहली बार एब्डॉमिनल (पेट संबंधी) रोबोटिक सर्जरी और रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की शुरुआत की। आज 100 से अधिक रोबोटिक सर्जरी पूरी होना इस तकनीक की सफलता और मरीजों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।


डॉ. सिंह ने बताया कि दुनिया के विकसित देशों में रोबोटिक सर्जरी पिछले दो दशकों से उपलब्ध है, लेकिन इसकी अत्यधिक लागत के कारण यह आम मरीजों की पहुंच से बाहर थी। डॉ. सुधीर श्रीवास्तव की पहल पर विकसित मेड इन इंडिया SSI MANTRA Surgical Robot ने इस स्थिति को बदल दिया है। यह अत्याधुनिक तकनीक अब न केवल भारत बल्कि ग्लोबल साउथ के देशों में भी मध्यम वर्गीय मरीजों के लिए रोबोटिक सर्जरी को किफायती बना रही है।


रुबन हॉस्पिटल में SSI MANTRA रोबोट की सहायता से किडनी, लिवर, पित्ताशय (गॉलब्लैडर), स्प्लीन, हर्निया, हिस्टेरेक्टॉमी तथा विभिन्न प्रकार के कैंसर ऑपरेशन नियमित रूप से किए जा रहे हैं। अस्पताल के अनुभवी यूरोलॉजिस्ट, जनरल सर्जन, गायनेकोलॉजिस्ट एवं ऑन्को सर्जन इस तकनीक का सफलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं।


रुबन ने हाल ही में पूर्वी भारत की पहली टेलीसर्जरी भी सफलतापूर्वक संपन्न की। प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित मरीज पटना स्थित रुबन हॉस्पिटल के ऑपरेशन थिएटर में था, जहां डॉ. अमित ने रोबोट को डॉक किया, जबकि दिल्ली में मौजूद वरिष्ठ ऑन्को-यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमिताभ ने लगभग 1000 किलोमीटर दूर से रोबोटिक सर्जरी का संचालन किया। यह उपलब्धि SSI MANTRA रोबोट की अत्याधुनिक क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसने यह सिद्ध कर दिया है कि अब दूरी चिकित्सा सेवा में बाधा नहीं रही।


हाल ही में इसी तकनीक के माध्यम से गुयाना के जॉर्जटाउन से भारत के इंदौर तक लगभग 20,000 किलोमीटर की दूरी पर तीन सफल सर्जरी, जिनमें एक कार्डियक सर्जरी भी शामिल थी, संपन्न की गईं। इससे भविष्य में वैश्विक स्तर पर विशेषज्ञ सर्जनों की सेवाएं दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाना संभव होगा।


रोबोटिक सर्जरी के लाभों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि जिस प्रकार लैप्रोस्कोपिक सर्जरी ने पारंपरिक ओपन सर्जरी का स्थान लिया, उसी प्रकार आने वाले समय में रोबोटिक सर्जरी लैप्रोस्कोपिक सर्जरी का स्थान लेगी। इसकी 3D हाई-डेफिनिशन विज़न तकनीक अंगों, नसों और रक्त वाहिकाओं को अत्यधिक स्पष्टता से दिखाती है, जिससे सर्जरी अधिक सटीक होती है और रक्तस्राव कम होता है। 


रोबोटिक आर्म्स की 360 डिग्री गतिशीलता (Dexterity) शरीर के सबसे संकरे हिस्सों तक आसानी से पहुंचती है तथा लंबे समय तक ऑपरेशन के दौरान भी उनमें किसी प्रकार की थकान या कंपन नहीं होता, जिससे ऑपरेशन की गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों बेहतर होती हैं।


उन्होंने यह भी बताया कि SSI MANTRA तकनीक के कारण रोबोटिक सर्जरी की लागत पहले के Da Vinci Robot की तुलना में लगभग एक-तिहाई रह गई है, जिससे अधिक से अधिक मरीज इसका लाभ उठा सकते हैं।


रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल वर्तमान में बिहार का एकमात्र ऐसा अस्पताल है जहां दो प्रकार के रोबोटिक सिस्टम उपलब्ध हैं—एक एब्डॉमिनल सर्जरी के लिए और दूसरा जॉइंट रिप्लेसमेंट के लिए। साथ ही यहां किडनी ट्रांसप्लांट और लिवर ट्रांसप्लांट जैसी जटिल सर्जरी भी सफलतापूर्वक की जा रही हैं।


डॉ. सत्यजीत कुमार सिंह ने इस अवसर पर बिहार के मरीजों, चिकित्सक समुदाय और समाज के सभी शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन्हीं के विश्वास और सहयोग से रुबन लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।


उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भी रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों को बिहार में लाकर, देश-विदेश में प्रशिक्षित विशेषज्ञ डॉक्टरों को मंच प्रदान कर तथा विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के अपने संकल्प को निरंतर आगे बढ़ाता रहेगा।