PATNA: प्रिंस यादव मौत मामले में रौशन आनंद ने कदमकुआं थाने में आवेदन देकर खान सर उर्फ फैजल खान समेत कई लोगों पर आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने भाई की मौत, खुद को झूठे मुकदमे में फंसाने और जेल में जान से मारने की कोशिश के मामले में FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। 


रौशन आनंद ने कदमकुआं थाने में आवेदन देकर अपने छोटे भाई प्रिंस यादव की हत्या, खुद को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने और जेल के अंदर जान से मारने की कोशिश किए जाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।आवेदन में रौशन आनंद ने बताया है कि वह मुसल्लहपुर हाट स्थित ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी का संचालन करते हैं। उनके कोचिंग संस्थान के बगल में फैजल खान उर्फ खान सर का कोचिंग संस्थान संचालित होता है।


आवेदन के अनुसार, 2 जून 2026 की रात करीब 10 बजे दोनों कोचिंग संस्थानों के स्टाफ के बीच पोस्टर हटाने को लेकर मारपीट हुई थी। इस घटना में एक गार्ड को चोटें भी आई थीं। रौशन आनंद ने आवेदन में कहा है कि उस समय न तो वह स्वयं, न उनके भाई प्रिंस यादव और न ही अभिषेक वहां मौजूद थे तथा उन्हें इस घटना की जानकारी भी नहीं थी।


आवेदन में आरोप लगाया गया है कि फैजल खान, डॉ. रामाशंकर प्रसाद, कन्हैया कुमार सिंह और अन्य लोगों ने आपराधिक षड्यंत्र रचा। रौशन आनंद ने लिखा है कि वह 15 जून 2026 को जेल से रिहा हुए थे। इसके बाद वह अपने पैतृक गांव गए, जहां उन्होंने अपने भाई प्रिंस यादव का अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक रीति-रिवाज पूरे किए। गांव से लौटने के बाद उन्होंने बिना देरी किए कदमकुआं थाना पहुंचकर यह लिखित आवेदन दिया।


आवेदन के अंत में उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया है कि नामजद लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए, आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और उन्हें सजा दिलाई जाए, ताकि उन्हें और उनके परिवार को न्याय मिल सके तथा कानून और न्याय व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।


दरअसल बुधवार की देर शाम ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद पटना के अगमकुआं थाने में खान सर के खिलाफ केस दर्ज करवाने पहुंचे थे। लेकिन उन्हें थाने में 5 घंटे तक बैठाकर रखा गया और खान सर के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं किया गया। यह कहना है कि रौशन आनंद और उनके वकील का। जो अब थाने में धरना पर बैठे हुए हैं। 


छोटे भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से रौशन आनंद काफी टूट गये हैं। उनका कहना है कि प्रिंस मेरा कलेजे का टुकड़ा था, जिसकी षडयंत्र के तहत हत्या कर दी गयी है। खान ग्लोबल स्टडीज के मालिक फैजल खान उर्फ खान सर पर रौशन आनंद ने हत्या का आरोप लगाया है। रौशन आनंद ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। जेडीयू नेता संजय झा से भी उन्होंने भाई को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। 


रौशन आनंद ने कहा कि हम यहां से कही नहीं जाएंगे थाने पर तब तक बैठे रहेंगे जब तक खान सर के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं किया जाता। इस दौरान छात्रों ने सरकार और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने कहा कि रौशन सर मत घबराना हम तुम्हारे साथ हैं। लगातार छात्रों ने थाना परिसर में रौशन आनंद के समर्थन में नारे लगाए। वही रौशन आनंद ने कहा कि मेरा जिन्दगी बर्बाद हो गया है, मेरा कैरियर बर्बाद हो गया है, यह सब खान सर के कारण हुआ है। खान ने मेरी जिन्दगी बर्बाद करके रख दिया है। पटना पुलिस खान के खिलाफ कार्रवाई करने से डर रही है। हम पटना पुलिस से मांग करते हैं कि आप न्याय नहीं दिला सकते हैं तब मुझे और मेरे मां बाप को गोली मार दो। हम पिछले पांच घंटे से थाने पर बैठे हैं लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं किया जा रहा है। कदमकुआं थाने की पुलिस मेरे साथ ऐसा क्यों कर रही हैं, मुझे नहीं मालूम। उन्होंने कहा कि जब तक केस दर्ज नहीं होगा तब तक हम थाने में धरना पर बैठेंगे।  



रौशन आनंद के वकील ने बताया कि एक गलत व्यक्ति जिन्होंने षड्यंत्र करके रौशन आनंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करता है और उनको तुरंत जेल भेज दिया जाता है। जेल में भी मारने की कोशिश करता है। लेकिन जो बेकसूर है वो जब केस दर्ज करने थाने आता है, तब पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है। जो दोषी है उसे सजा मिलनी चाहिए और जो बेकसूर है उसको न्याय मिलना चाहिए। पांच घंटे से रौशन आनंद थाने में बैठे हुए हैं लेकिन केस दर्ज नहीं किया जा रहा है। हम लोग इनको न्याय दिलवाकर रहेंगे। रौशन आनंद न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। कदमकुआं थानाध्यक्ष कॉपरेट नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऊपर से दबाव है आप बात कर लीजिए।   

पटना से प्रेम राज की रिपोर्ट