झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण बदहाली का आलम देखिये: दिन के उजाले में मरीज का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ ईलाज कैमूर में जहरीला बीज खाने से 8 बच्चे बीमार, भभुआ सदर अस्पताल में भर्ती मधेपुरा में BPSC की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत, किराए के कमरे में मिली लाश, इलाके में सनसनी Bihar News: CM नीतीश का बड़ा ऐलान, बाकी बचे इन 213 प्रखंडों में तुरंत खुलेंगे कॉलेज,जुलाई 2026 से शुरू होगी पढ़ाई... पटना का नाम पाटलिपुत्र करने की मांग, उपेंद्र कुशवाहा ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा प्रेमिका से मिलने आए प्रेमी को लोगों ने बना दिया दूल्हा, सुपौल में ‘पकड़ौआ विवाह’ का वीडियो वायरल
20-Aug-2025 09:10 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास के बाहर उस वक्त हंगामा मच गया जब सोनपुर विधानसभा क्षेत्र से आए आरजेडी कार्यकर्ताओं ने पार्टी विधायक रामानुज प्रसाद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी। राजद कार्यकर्ताओं ने सोनपुर के राजद विधायक रामानुज प्रसाद को आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं देने की मांग आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से की।
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का आरोप था कि विधायक रामानुज प्रसाद क्षेत्र की समस्याओं को लेकर पूरी तरह उदासीन हैं। खासकर मानसून के दौरान आई बाढ़ की स्थिति में उन्होंने एक बार भी लोगों से मिलने की जहमत नहीं उठाई, न ही किसी प्रकार की सहायता पहुंचाई।
कार्यकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि विधायक के कारण पार्टी की छवि खराब हो रही है, और ऐसे जनविरोधी नेता को दोबारा टिकट देना आरजेडी के लिए नुकसानदेह होगा। वे चाहते हैं कि पार्टी किसी और योग्य उम्मीदवार को सोनपुर से मैदान में उतारे। कई कार्यकर्ता भाई सुरेंद्र यादव के समर्थक बताए जा रहे हैं, जिससे यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि अंदरूनी गुटबाजी भी इस विरोध के पीछे एक कारण हो सकती है।
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब विधायक रामानुज प्रसाद विवादों में आए हों। वर्ष 2023 में भी उन्होंने एक सार्वजनिक मंच से महागठबंधन सरकार के प्रति नाराजगी जताई थी। उस समय तेजस्वी यादव बिहार के डिप्टी सीएम थे। तेजस्वी यादव भी उस समय मंच पर मौजूद थे। उनके सामने रामानुज प्रसाद ने महागठबंध की सरकार को लेकर सवाल उठाये थे। चर्चा है कि पार्टी नेतृत्व रामानुज प्रसाद के टिकट पर पुनर्विचार कर सकता है, क्योंकि लालू यादव परिवार के भीतर भी उनके कामकाज को लेकर असंतोष बताया जा रहा है।