पटना: राजद एमएलसी सुनील कुमार सिंह की पत्नी वंदना सिंह और बेटे यशस्वी सिंह से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। मामला भारत चना दाल की आपूर्ति के नाम पर लाखों रुपये लेने के बाद कथित तौर पर दाल की सप्लाई नहीं करने और रकम वापस नहीं करने से जुड़ा है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद दोनों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने का दावा करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद कोर्ट ने वंदना सिंह और यशस्वी सिंह को उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया है।


यह मामला पटना के गर्दनीबाग थाने में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, आशा इंटरप्राइजेज की प्रोपराइटर मेघा ने भारत चना दाल की खरीद के लिए संबंधित समितियों से संपर्क किया था। आरोप है कि दाल की आपूर्ति के लिए वंदना सिंह से जुड़ी जय माता दी कृषक सेवा स्वालाभी सहकारी समिति लिमिटेड के खाते में 23.65 लाख रुपये जमा किए गए। रकम जमा करने के बाद कथित तौर पर दाल की आपूर्ति नहीं की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि काफी समय बीतने के बावजूद न तो दाल उपलब्ध कराई गई और न ही जमा की गई रकम वापस की गई।


मामले में दूसरा आरोप सुनील कुमार सिंह के बेटे यशस्वी सिंह से जुड़ा है। शिकायतकर्ता मेघा के अनुसार, यशस्वी सिंह पर भी भारत चना दाल की आपूर्ति के नाम पर 3.71 लाख रुपये लेने का आरोप है। आरोप है कि रकम लेने के बाद दाल की आपूर्ति नहीं की गई और पैसा भी वापस नहीं किया गया। यशस्वी सिंह को सारण फल-सब्जी कृषक स्वालाभी सेवा समिति लिमिटेड से जुड़े पद पर बताया गया है।


दोनों मामलों को लेकर शिकायतकर्ता मेघा ने एक जून 2025 को गर्दनीबाग थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वह पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र स्थित मगध विहार कॉलोनी की रहने वाली बताई गई हैं। शिकायत में उन्होंने पुलिस को बताया था कि वह फल, सब्जी और खाद्यान्न अलग-अलग सप्लायर से खरीदकर बाजार में बेचने का कारोबार करती हैं। इसी कारोबारी गतिविधि के दौरान उन्होंने चना दाल की खरीद और आपूर्ति के लिए संबंधित समितियों से संपर्क किया था।


शिकायत के मुताबिक, कारोबार के सिलसिले में रकम का भुगतान किए जाने के बावजूद निर्धारित सामान की आपूर्ति नहीं की गई। इसके बाद शिकायतकर्ता की ओर से पुलिस से मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की गई। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान लेनदेन और दाल की आपूर्ति से जुड़े आरोपों की पड़ताल की गई।


पुलिस की ओर से कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में दोनों आरोपितों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को जांच में सही पाए जाने का दावा किया गया है। अनुसंधानकर्ता के अनुसार, जांच के दौरान आरोपों से संबंधित पर्याप्त साक्ष्य सामने आए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर वंदना सिंह और यशस्वी सिंह के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया है।


चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब न्यायालय की ओर से दोनों को उपस्थित होने के लिए नोटिस भेजा गया है। शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, कोर्ट की इस प्रक्रिया के बाद मामले की न्यायिक कार्रवाई आगे बढ़ेगी। मेघा के पति मनीष सिंह यादव ने बताया कि पुलिस ने मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है और इसके बाद कोर्ट ने वंदना सिंह तथा यशस्वी सिंह को उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया है।


इस पूरे मामले में आरोपित रकम को देखें तो वंदना सिंह से जुड़ा आरोप 23.65 लाख रुपये का है, जबकि यशस्वी सिंह से जुड़ा आरोप 3.71 लाख रुपये का है। दोनों रकम को मिलाने पर कुल राशि 27.36 लाख रुपये होती है। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि यह रकम चना दाल की आपूर्ति के लिए दी गई थी, लेकिन इसके बाद सामान नहीं मिला और भुगतान की गई राशि भी वापस नहीं की गई।


पुलिस की चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले का अगला चरण न्यायालय में चलेगा। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पुलिस की चार्जशीट में लगाए गए आरोप और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्य अंतिम न्यायिक फैसला नहीं हैं। किसी भी आरोपी का दोष सिद्ध होना न्यायालय में चलने वाली प्रक्रिया और उसके अंतिम निर्णय पर निर्भर करता है। अभी कोर्ट की ओर से दोनों को नोटिस जारी किया गया है और आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।