Bihar News : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अंदर सियासी घमासान खुलकर सामने आता दिखाई दे रहा है। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अब पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। RJD के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने सारी बातें सार्वजनिक कर दीं तो "मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे।"
भाई वीरेंद्र का यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। माना जा रहा है कि यह विवाद केवल दो नेताओं के बीच की व्यक्तिगत नाराजगी नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर चल रहे असंतोष का संकेत भी है।
"जब तुम्हारी राजनीति में पैदाइश नहीं थी, तब से राजनीति कर रहा हूं"
भाई वीरेंद्र ने अपनी राजनीतिक यात्रा का हवाला देते हुए शक्ति यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा, "खामोश! भाई वीरेंद्र लोक दल का आदमी रहा है। जब तुम्हारी राजनीति में कोई पैदाइश नहीं थी, भाई वीरेंद्र उस समय से राजनीति करता है। 2010 में भी विधायक था, कई लोग बदल गए लेकिन भाई वीरेंद्र नहीं बदला। आज भी विधायक हूं।"इस बयान के जरिए उन्होंने खुद को पार्टी का पुराना और समर्पित नेता बताते हुए शक्ति यादव की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर सवाल खड़े किए।
"तेजस्वी यादव का चेहरा दिखाकर वसूली करते हो"
भाई वीरेंद्र ने सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग पार्टी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नाम का इस्तेमाल कर आर्थिक लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं राजनीति तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए कर रहा हूं और तुम लोग तेजस्वी यादव का चेहरा दिखाकर लोगों से माल वसूलने का काम करते हो। पैसा लेकर मुलाकात करवाने का काम करते हो। इसलिए खामोश रहो।" हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य पेश नहीं किया, लेकिन उनके इस बयान ने पार्टी के भीतर नई बहस छेड़ दी है।
"सब कुछ सार्वजनिक किया तो मुश्किल हो जाएगी"
भाई वीरेंद्र ने शक्ति यादव को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्होंने उनके खिलाफ बोलना जारी रखा तो वह कई ऐसी बातें सार्वजनिक करेंगे जिससे उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने कहा, "यदि तुम्हारी बात और करतूत को सार्वजनिक करूंगा तो तुम मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे। शांति रहना।" यह बयान बताता है कि दोनों नेताओं के बीच विवाद काफी गहरा हो चुका है। मैं लालू यादव -तेजस्वी यादव का आदमी हूँ, किसी ऐसे लोगों का नहीं जो जिंदे चमड़े का सप्लायर करते हैं ऐसे लोग का आदमी मैं नहीं हो सकता।
उपचुनाव के बाद बढ़ी सियासी हलचल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के चुनावी नतीजों के बाद RJD के भीतर असंतोष बढ़ा है। कई नेताओं के बीच रणनीति, संगठन और चुनावी प्रबंधन को लेकर मतभेद सामने आने लगे हैं। भाई वीरेंद्र का यह सार्वजनिक हमला उसी असंतोष की एक बड़ी अभिव्यक्ति माना जा रहा है। पार्टी के भीतर पहले भी अलग-अलग मुद्दों पर नेताओं के बीच मतभेद की खबरें आती रही हैं, लेकिन इस बार आरोप सीधे तौर पर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता पर लगाए गए हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
क्या बोले शक्ति यादव?
समाचार लिखे जाने तक शक्ति यादव की ओर से भाई वीरेंद्र के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी नेतृत्व की तरफ से भी इस विवाद पर कोई बयान जारी नहीं किया गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि RJD नेतृत्व इस विवाद को कैसे संभालता है। यदि पार्टी जल्द हस्तक्षेप नहीं करती है तो विधानसभा चुनाव से पहले यह अंदरूनी कलह विपक्ष के लिए बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकती है। फिलहाल भाई वीरेंद्र के तीखे बयान ने यह साफ संकेत दे दिया है कि पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है। आने वाले दिनों में इस विवाद पर शक्ति यादव और RJD नेतृत्व की प्रतिक्रिया राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।