Patna Vigilance Raid : पटना में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विशेष निगरानी इकाई (SVU) की टीम ने सरकारी निविदाओं में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी रिशुश्री के आवासीय परिसर पर छापेमारी शुरू कर दी। यह कार्रवाई विशेष न्यायाधीश, निगरानी, पटना द्वारा जारी तलाशी वारंट के आधार पर की गई। सुबह से ही अधिकारियों की टीम पटना के खगौल रोड स्थित मिथापुर इलाके में मौजूद फ्लैट में दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच में जुटी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, विशेष निगरानी इकाई ने आरोपी रिशुश्री के खिलाफ कांड संख्या 05/2025 दिनांक 30 अप्रैल 2025 को दर्ज किया था। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) और ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट समेत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। इस केस में आरोप है कि सरकारी टेंडरों में बड़े स्तर पर हेरफेर कर अपनी निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया गया, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी रिशुश्री Reliable Infra Services Pvt. Ltd. नामक कंपनी का संचालक है। आरोप है कि सरकारी निविदाओं की गोपनीय जानकारी का गलत इस्तेमाल करते हुए टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। बताया जा रहा है कि कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और तकनीकी जानकारियां पहले ही लीक कर दी जाती थीं, ताकि संबंधित कंपनी को फायदा मिल सके।
इस मामले की शुरुआती जांच पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई थी। जांच के दौरान कई वित्तीय लेन-देन और संदिग्ध दस्तावेज सामने आए थे। ईडी ने अपनी रिपोर्ट में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विस्तृत जांच की अनुशंसा की थी। इसके बाद विशेष निगरानी इकाई ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
बुधवार को निगरानी टीम ने पटना के मिथापुर स्थित कामता रामसखी एन्क्लेव के फ्लैट नंबर 5A में छापेमारी की। यह फ्लैट आरोपी रिशुश्री का बताया जा रहा है। टीम ने फ्लैट के अंदर मौजूद दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क और वित्तीय रिकॉर्ड को खंगालना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की संभावना है।
छापेमारी के दौरान इलाके में लोगों की भारी भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों के बीच कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। कई लोग यह जानने की कोशिश करते दिखे कि आखिर किस मामले में इतनी बड़ी कार्रवाई की जा रही है। हालांकि अधिकारियों ने फिलहाल मीडिया से दूरी बनाए रखी है और जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी देने की बात कही है।
विशेष निगरानी इकाई के सूत्रों का कहना है कि इस मामले में आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसियां सरकारी विभागों से जुड़े कुछ अधिकारियों और निजी कंपनियों के बीच कथित सांठगांठ की भी पड़ताल कर रही हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो कई अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।फिलहाल पटना में चल रही इस हाई-प्रोफाइल रेड ने सरकारी टेंडर प्रक्रिया और भ्रष्टाचार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर निगरानी विभाग की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।