Bihar Railway News : बिहार के रक्सौल और सीमांचल इलाके के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी हो गई है। रेलवे ने रक्सौल से तिरुपति के बीच सीधी साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन सेवा शुरू करने की घोषणा कर दी है। रेलवे बोर्ड की मंजूरी के करीब तीन महीने बाद पूर्व मध्य रेल हाजीपुर ने ट्रेन संख्या 17433/17434 के परिचालन की अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले से उत्तर बिहार, सीमांचल और नेपाल सीमा से सटे इलाकों के यात्रियों को काफी राहत मिलने वाली है।
रेलवे के अनुसार 17433 तिरुपति-रक्सौल एक्सप्रेस पहली बार 1 जून को तिरुपति से रवाना होगी और 3 जून को रक्सौल पहुंचेगी। वहीं 17434 रक्सौल-तिरुपति साप्ताहिक एक्सप्रेस अपनी पहली यात्रा 4 जून से शुरू करेगी। ट्रेन के शुरू होने की खबर के बाद श्रद्धालुओं और यात्रियों में उत्साह का माहौल है।
अब तिरुपति बालाजी मंदिर के दर्शन के लिए यात्रियों को कई बार ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और परिवारों के लिए यह सेवा बेहद सुविधाजनक साबित होगी। वर्षों से रक्सौल से दक्षिण भारत के लिए सीधी ट्रेन चलाने की मांग की जा रही थी। अब रेलवे ने इस बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा कर दिया है।
रेलवे द्वारा जारी टाइम टेबल के मुताबिक 17434 रक्सौल-तिरुपति एक्सप्रेस हर गुरुवार को सुबह 3:15 बजे रक्सौल से खुलेगी और शनिवार सुबह 9:30 बजे तिरुपति पहुंचेगी। वापसी में 17433 तिरुपति-रक्सौल एक्सप्रेस हर सोमवार सुबह 8:15 बजे तिरुपति से रवाना होगी और बुधवार शाम 5 बजे रक्सौल पहुंचेगी।
इस ट्रेन में कुल 24 कोच लगाए जाएंगे। रेलवे के नोटिफिकेशन के अनुसार इसमें एसी सेकेंड क्लास के 3 कोच, एसी थर्ड क्लास के 5 कोच, स्लीपर क्लास के 10 कोच, जनरल श्रेणी के 4 कोच और 2 एसएलआर कोच शामिल होंगे। फिलहाल ट्रेन का परिचालन पुराने आईसीएफ रैक से किया जाएगा। हालांकि कुछ यात्रियों ने एलएचबी कोच नहीं लगाए जाने पर हल्की निराशा जताई है, लेकिन सीधी ट्रेन सेवा शुरू होने की खुशी ज्यादा देखने को मिल रही है।
रक्सौल से तिरुपति जाने वाली यह ट्रेन कई महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरेगी। ट्रेन सीतामढ़ी, दरभंगा, समस्तीपुर, बरौनी, किऊल, झाझा, जसीडीह, मधुपुर, चित्तरंजन, धनबाद, बोकारो स्टील सिटी, रांची, राउरकेला, रायपुर, गोंदिया और काजीपेट होते हुए रेणुगूंटा जंक्शन के रास्ते तिरुपति पहुंचेगी। इससे बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और दक्षिण भारत के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
यह ट्रेन सिर्फ धार्मिक यात्रा के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षा, इलाज और व्यापार के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दक्षिण भारत के बड़े शहरों में पढ़ाई और इलाज के लिए जाने वाले लोगों को अब सीधा रेल संपर्क मिल सकेगा। नेपाल के वीरगंज समेत आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग रक्सौल पहुंचकर ट्रेन पकड़ते हैं, जिससे इस ट्रेन का फायदा अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े यात्रियों को भी मिलेगा।
स्थानीय लोगों और व्यापारिक संगठनों ने रेलवे के इस फैसले का स्वागत किया है। रक्सौल चैंबर ऑफ कॉमर्स का कहना है कि इस सीधी ट्रेन सेवा से व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही पर्यटन और धार्मिक यात्राओं में भी तेजी आएगी।
रेलवे सूत्रों के अनुसार जल्द ही इस ट्रेन की टिकट बुकिंग शुरू कर दी जाएगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि धार्मिक सीजन और छुट्टियों के दौरान इस ट्रेन में लंबी वेटिंग देखने को मिल सकती है। 4 जून को रक्सौल से पहली बार रवाना होने वाली इस ट्रेन को लेकर यात्रियों में खासा उत्साह बना हुआ है।