Bihar BJP MLA : बिहार के बीजेपी विधायक राजू सिंह की विधायकी जाने वाली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने 2018 के हर्ष फायरिंग मामले में मिली 4 साल की सजा पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। 4 सालों के लिए सजायाफ्ता राजू सिंह की अब विधानसभा की सदस्यता खत्म हो सकती है। वैसे अब राजू सिंह के सामने राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रास्ता बचा है।


ये मामला करीब 8 साल पुराना है। 31 दिसंबर 2018 की रात दिल्ली के फतेहपुर बेरी इलाके में राजू सिंह के फार्म हाउस में न्यू ईयर पार्टी चल रही थी। इसी पार्टी के दौरान राजू सिंह ने हर्ष फायरिंग की। राजू सिंह की पिस्टल से चली गोली से 45 वर्षीय डॉक्टर अर्चना गुप्ता को गोली लग गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।


अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक, पार्टी में दो बार फायरिंग की गई थी। सबसे पहले राजू सिंह और उनके ड्राइवर सह सुरक्षा गार्ड हरि सिंह के फायरिंग करने की बात सामने आई। इसके कुछ मिनट बाद फिर फायरिंग हुई। तीन गवाहों ने अदालत में कहा कि इस दूसरे दौर में राजू कुमार सिंह फायरिंग कर रहे थे और इसके तुरंत बाद अर्चना गुप्ता डांस फ्लोर पर गिर गईं।


दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उपलब्ध गवाही और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर राजू सिंह को IPC की धारा 304 Part II और Arms Act के तहत दोषी ठहराया। 4 जुलाई 2026 को कोर्ट ने उन्हें 4 साल की सजा सुनाई। साथ ही मृतका के परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया गया।


देश में लागू कानून के तहत दो साल या उससे ज्यादा की सजा पाए सांसद या विधायक की सदस्यता समाप्त कर दी जाती है। इसी वजह से राजू सिंह की बिहार विधानसभा सदस्यता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। सजा के बाद राजू सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया और अपनी दोषसिद्धि और सजा पर रोक की मांग की।


लेकिन 21 जुलाई 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि और सजा पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने मामले को आगे सुनवाई के लिए रखा और दिल्ली पुलिस तथा मृतका के परिवार से जवाब मांगा। यानी फिलहाल राजू सिंह को हाईकोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली है।


वैसे राजू सिंह के पास सुप्रीम कोर्ट में जाने का रास्ता बचा है। अब सवाल यही है कि क्या सुप्रीम कोर्ट से उन्हें राहत मिलती है और क्या उनकी विधानसभा सदस्यता बच पाती है। 2018 की न्यू ईयर पार्टी में हुई एक फायरिंग से शुरू हुआ यह मामला अब राजू सिंह के राजनीतिक भविष्य और विधानसभा सदस्यता, दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ पर पहुंच चुका है।