Indian Railway : बिहार के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल Rajgir पहुंचना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। मलमास मेला 2026 को देखते हुए रेलवे की ओर से कई नियमित और लोकल ट्रेन सेवाएं चलाई जा रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी राहत मिल रही है। सिर्फ Patna ही नहीं, बल्कि दानापुर, बख्तियारपुर, बिहारशरीफ, फतुहा और बिहार के अन्य शहरों से भी राजगीर के लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं। लोकल मेमू से लेकर लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों तक की सुविधा मिलने से लाखों यात्रियों का सफर आसान और सस्ता हो गया है।
राजगीर जाने वाली सबसे लोकप्रिय ट्रेनों में 63274 पटना-राजगीर फास्ट मेमू शामिल है। यह ट्रेन रोजाना पटना जंक्शन से रात 8:55 बजे खुलती है और लगभग ढाई घंटे में राजगीर पहुंच जाती है। दैनिक यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के बीच यह ट्रेन काफी लोकप्रिय मानी जाती है। इसके अलावा 13354 पटना-राजगीर एक्सप्रेस भी यात्रियों के लिए अहम विकल्प बनी हुई है। यह ट्रेन सुबह 9:20 बजे पटना से खुलती है और दोपहर 12:45 बजे राजगीर पहुंचती है।
दानापुर से यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी अच्छी सुविधा उपलब्ध है। गाड़ी संख्या 13234 दानापुर-कोडरमा एक्सप्रेस सुबह 6:40 बजे दानापुर से खुलती है और करीब 10:05 बजे राजगीर पहुंच जाती है। इसके अलावा दानापुर से चलने वाली मेमू सेवाएं भी पटना, फतुहा और बख्तियारपुर होते हुए नालंदा क्षेत्र को राजधानी से जोड़ती हैं। छोटे व्यापारियों, कर्मचारियों और ग्रामीण यात्रियों के लिए ये ट्रेनें लाइफलाइन साबित हो रही हैं।
बख्तियारपुर-राजगीर रेलखंड की पैसेंजर और मेमू ट्रेनें नालंदा जिले की सबसे महत्वपूर्ण रेल सेवाओं में गिनी जाती हैं। बख्तियारपुर से चलने वाली लोकल ट्रेनें बिहारशरीफ, सिलाव और पावापुरी होते हुए राजगीर पहुंचती हैं। हर दिन हजारों लोग इन ट्रेनों से सफर करते हैं। मलमास मेला के दौरान इन ट्रेनों में यात्रियों की संख्या और बढ़ जाती है।
राजगीर के लिए कई लंबी दूरी की ट्रेनें भी चलती हैं, जिससे दूसरे राज्यों और बिहार के दूरदराज इलाकों से आने वाले यात्रियों को सुविधा मिलती है। 12392 श्रमजीवी एक्सप्रेस नई दिल्ली से खुलकर बक्सर, आरा, पटना और नालंदा होते हुए राजगीर पहुंचती है। दिल्ली और बिहार के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह ट्रेन काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इसी तरह 15138 बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस वाराणसी से चलकर गया और पटना होते हुए राजगीर पहुंचती है। बौद्ध सर्किट से जुड़े यात्रियों और विदेशी पर्यटकों के बीच इस ट्रेन की अच्छी मांग रहती है। वहीं 13201 लोकमान्य तिलक टर्मिनल-राजगीर एक्सप्रेस मुंबई से इटारसी, प्रयागराज और पटना होकर राजगीर आती है। महाराष्ट्र में काम करने वाले बिहार के प्रवासी मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह ट्रेन काफी उपयोगी मानी जाती है।
इसके अलावा 03029 हावड़ा-राजगीर स्पेशल ट्रेन भी पश्चिम बंगाल से आने वाले यात्रियों के लिए अहम विकल्प बनी हुई है। यह ट्रेन भागलपुर, किऊल, लखीसराय और शेखपुरा होते हुए राजगीर पहुंचती है।
फिलहाल राजगीर मुख्य रूप से बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया रेलखंड से जुड़ा हुआ है। यही रेललाइन राजगीर को पटना, बिहारशरीफ, नवादा और झारखंड की ओर जोड़ती है। हालांकि उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों से अभी सीधी ट्रेन सुविधा उपलब्ध नहीं है। मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और दरभंगा जैसे शहरों से आने वाले यात्रियों को पटना या बख्तियारपुर होकर कनेक्टिंग ट्रेन पकड़नी पड़ती है। इसके बावजूद नियमित मेमू और एक्सप्रेस सेवाओं की वजह से यात्रियों को यात्रा में ज्यादा परेशानी नहीं होती।
मलमास मेला को लेकर रेलवे प्रशासन भी सतर्क है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त कोच और विशेष ट्रेनों की तैयारी की जा रही है। इससे आने वाले दिनों में राजगीर का रेल संपर्क और मजबूत होने की उम्मीद है।