Bihar Politics : 'नीतीश कुमार का कार्यकाल हमेशा से बेदाग रहा...', बोले अमित शाह- केंद्र आने से बिहार और देश दोनों को होगा फायदा नीतीश कुमार के फैसले से पैतृक गांव कल्याण बिगहा के लोगों में भारी नाराजगी, BJP को दे दी यह बड़ी चेतावनी नीतीश कुमार के फैसले से पैतृक गांव कल्याण बिगहा के लोगों में भारी नाराजगी, BJP को दे दी यह बड़ी चेतावनी UPI पेमेंट में बड़ा बदलाव: अब UPI ID या मोबाइल नंबर डालकर नहीं कर पाएंगे भुगतान, जानें नया तरीका BIHAR NEWS : बिहार में BJP का उदय ! पढ़िए JDU के आगे 'सीनियर' बनने की पूरी टाइमलाइन; कब कैसे बदली रणनीति MPs Salary: राज्यसभा सांसदों को मिलती है कितनी सैलरी? जानिए सुविधाएं और उनके अधिकार BIHAR NEWS : बिहार के नए युग की नई तस्वीर ! CM आवास के इस फोटो में छिपा बड़ा संदेश, जानिए क्या है इसके राजनीतिक मायने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर आया चिराग पासवान का रिएक्शन, जानिए.. क्या बोले LJP(R) चीफ? नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर आया चिराग पासवान का रिएक्शन, जानिए.. क्या बोले LJP(R) चीफ? Bihar News : 20 साल तक बिहार में चला Nitish Kumar का जादू, BJP से गठबंधन कई बार बिगड़ा और कई बार बना; पढ़िए क्या रहा है हिस्ट्री
23-Dec-2025 02:55 PM
By First Bihar
Digital Jamabandi : राजस्व महाभियान को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और तेज बनाने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। अब डिजिटाइज्ड जमाबंदी में त्रुटि सुधार, छूटी हुई जमाबंदी को ऑनलाइन करने और बंटवारा व नामांतरण से जुड़े सभी जमा आवेदन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। इस निर्णय से जहां प्रशासनिक प्रक्रिया में तेजी आएगी, वहीं आम लोगों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के तहत जैसे ही कोई आवेदन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, उसकी प्रारंभिक जांच शुरू हो जाएगी। यदि आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेजों में किसी तरह की कमी पाई जाती है, तो इसकी सूचना सीधे संबंधित आवेदक को पोर्टल के माध्यम से दी जाएगी। इससे आवेदक समय रहते आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा सकेंगे और आवेदन के निबटारे में अनावश्यक देरी नहीं होगी। अब तक दस्तावेजों की कमी के कारण आवेदकों को अंचल कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन डिजिटल सूचना प्रणाली से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
पटना जिले की बात करें तो यहां राजस्व महाभियान के तहत कुल 2.06 लाख से अधिक आवेदन जमा किए गए हैं। इनमें से लगभग 80 हजार आवेदनों की स्कैनिंग का कार्य पूरा हो चुका है। विभाग का अगला लक्ष्य इन सभी स्कैन किए गए आवेदनों को चरणबद्ध तरीके से विभागीय पोर्टल पर अपलोड करना है। अधिकारियों का मानना है कि जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी गति से शुरू होगी, आवेदन की जांच और निपटारा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज हो सकेगा।
जिले के अलग-अलग अनुमंडलों में स्कैनिंग कार्य की प्रगति अलग स्तर पर है। पालीगंज, पटना सिटी, पटना सदर, दानापुर, बाढ़ और मसौढ़ी अनुमंडलों में हजारों आवेदनों की स्कैनिंग पूरी कर ली गई है। कुछ अनुमंडलों में यह संख्या 40 हजार के पार पहुंच चुकी है, जबकि कुछ जगहों पर यह प्रक्रिया अभी शुरुआती दौर में है। प्रशासन ने अब उन अनुमंडलों पर विशेष फोकस करना शुरू किया है, जहां स्कैनिंग की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने शेष करीब 1.20 लाख आवेदनों की स्कैनिंग हर हाल में 31 दिसंबर तक पूरी करने का लक्ष्य तय किया है। इस संबंध में सभी अंचल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे उपलब्ध संसाधनों और मानवबल का अधिकतम उपयोग करते हुए तय समयसीमा के भीतर स्कैनिंग और पोर्टल पर अपलोडिंग का कार्य पूरा करें। विभाग का कहना है कि इसके बाद आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन मोड में आ जाएगी, जिससे मैनुअल हस्तक्षेप न्यूनतम होगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि राजस्व महाभियान के तहत जमा सभी आवेदनों का निबटारा मार्च महीने तक हर हाल में किया जाएगा। किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस सख्त निर्देश के बाद से ही राजस्व कर्मियों और अधिकारियों में सक्रियता बढ़ी है। रोजाना स्कैनिंग, डेटा एंट्री और पोर्टल पर अपलोडिंग की मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सके।
इस नई डिजिटल व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ आम नागरिकों को मिलने वाला है। पारदर्शिता बढ़ने से न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि लोगों का समय और पैसा दोनों बचेगा। दस्तावेजों की कमी की सूचना सीधे आवेदक तक पहुंचने से प्रक्रिया सरल होगी और अंचल कार्यालयों में भीड़ कम होगी। कुल मिलाकर, राजस्व महाभियान का यह डिजिटल कदम भूमि सुधार व्यवस्था को आधुनिक और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।