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NANDLAL MEENA PASSES AWAY : पूर्व मंत्री नंदलाल मीणा का निधन, सात बार विधायक और एक बार रहे सांसद

NANDLAL MEENA PASSES AWAY : नंदलाल मीणा का जन्म 25 जनवरी 1946 को अंबामाता का खेड़ा गांव में हुआ था। सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले मीणा ने शिक्षा पूरी करने के बाद सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की और धीरे-धीरे राजनीति में अपनी पहचा

27-Sep-2025 04:36 PM

By First Bihar

NANDLAL MEENA PASSES AWAY : चार दशक से अधिक समय तक राजनीति में सक्रिय रहे और जनजातीय समाज की बुलंद आवाज बने पूर्व मंत्री नंदलाल मीणा का अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है।


नंदलाल मीणा का जन्म 25 जनवरी 1946 को अंबामाता का खेड़ा गांव में हुआ था। सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले मीणा ने शिक्षा पूरी करने के बाद सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की और धीरे-धीरे राजनीति में अपनी पहचान बनाई।


उनका परिवार भी लंबे समय से राजनीति से जुड़ा रहा है। उनकी पत्नी सुमित्रा देवी जिला प्रमुख रह चुकी हैं। पुत्र हेमंत मीणा इस समय सरकार में राजस्व मंत्री हैं। वहीं, पुत्रवधु भी जिला प्रमुख के पद पर रह चुकी हैं। मीणा एक पुत्र और पांच पुत्रियों के पिता थे।


नंदलाल मीणा का राजनीतिक करियर लंबा और सफल रहा। वे 1977 में पहली बार विधायक बने और इसके बाद लगातार जनता का विश्वास हासिल करते रहे। वे छठी से चौदहवीं विधानसभा तक सदस्य रहे। 1989 से 1991 तक वे सलुम्बर से सांसद भी रहे। उन्होंने कई बार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में कार्य किया। 1978 से 1980 और 1993 से 1998 तक विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभाली। 2007-08 और 2013 से 2018 तक वे जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के प्रभारी रहे।


वे अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति, विशेषाधिकार समिति और संसदीय परामर्शदात्री समिति के सक्रिय सदस्य रहे। इसके अलावा भाजपा प्रदेश कार्यसमिति, जनजाति मोर्चा और प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे पदों पर भी उनकी भूमिका अहम रही। जनता पार्टी के दौर में उन्होंने जनता युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में काम किया।


2013 विधानसभा चुनाव में उन्होंने 82,452 मत पाकर जीत दर्ज की। 2008 और इससे पहले भी वे लगातार सफल रहे। 1989 लोकसभा चुनाव में वे 2,03,888 मत प्राप्त कर सांसद बने। राजनीति के साथ-साथ वे सामाजिक कार्यों और खेलों में भी सक्रिय रहे। बैडमिंटन और वॉलीबॉल के खिलाड़ी रहे मीणा ने 1996 में जिनेवा में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।


2005-06 में उन्हें विकास रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। वे आदिवासी संघ के महामंत्री भी रहे और गरीब तथा वंचित वर्ग के उत्थान के लिए सक्रिय रूप से काम करते रहे। नंदलाल मीणा ने अपना पूरा जीवन राजनीति और समाजसेवा को समर्पित किया। जनजातीय समाज को मुख्यधारा तक लाने और विकास योजनाओं का लाभ दिलाने में उनकी भूमिका अहम रही। उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।