Bihar News : रेलवे पास पर यात्रा करने वाले कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। अब पात्र रेलकर्मी राजधानी, दुरंतो और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में भी निर्धारित नियमों के तहत अपनी पात्रता से ऊंची श्रेणी में सफर कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें संबंधित श्रेणियों के किराये का अंतर चुकाना होगा। रेलवे के इस फैसले से उन कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो यात्रा पास का इस्तेमाल करके प्रीमियम ट्रेनों में सफर करना चाहते हैं।
रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया है। इसके बाद पास धारकों के लिए प्रीमियम ट्रेनों में ऊंची श्रेणी में यात्रा करने के नियमों को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई है। इस सुविधा का लाभ रेलवे के उन कर्मचारियों को मिलेगा, जो निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत यात्रा पास के पात्र हैं।
राजधानी और दुरंतो जैसी ट्रेनों में भी मिलेगा विकल्प
राजधानी, दुरंतो और शताब्दी जैसी ट्रेनें अपनी तेज रफ्तार और सुविधाओं के लिए जानी जाती हैं। इन ट्रेनों में यात्रा करने के लिए अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित हैं। रेलवे पास पर सफर करने वाले कर्मचारियों के लिए भी श्रेणी और पात्रता से जुड़े नियम लागू होते हैं।
नए स्पष्टीकरण के अनुसार, पात्र रेलकर्मी निर्धारित शर्तों के तहत अपनी पास पात्रता से ऊंची श्रेणी में यात्रा कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किराये के अंतर का भुगतान करना होगा। इससे कर्मचारियों को अपनी जरूरत और उपलब्धता के अनुसार यात्रा की श्रेणी चुनने का विकल्प मिल सकता है।
किराये का अंतर चुकाना होगा
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कर्मचारियों को संबंधित श्रेणियों के किराये के अंतर का भुगतान करना होगा। यानी पास पर निर्धारित श्रेणी से ऊपर की श्रेणी में यात्रा करने के लिए केवल पास होना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि लागू नियमों के अनुसार अतिरिक्त राशि भी देनी पड़ सकती है।
इसलिए टिकट बुक करने से पहले कर्मचारियों को अपनी पास पात्रता, संबंधित ट्रेन के नियम और अतिरिक्त किराये की जानकारी जरूर लेनी चाहिए। ऊंची श्रेणी में यात्रा की सुविधा उपलब्धता और रेलवे के लागू प्रावधानों के अधीन होगी।
HRMS और PRS में भी होगा बदलाव
रेलवे कर्मचारियों के यात्रा पास और टिकट आरक्षण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए HRMS और PRS जैसी प्रणालियों में बदलाव की जरूरत हो सकती है। HRMS यानी ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम कर्मचारियों से जुड़ी सेवाओं का प्रबंधन करता है, जबकि PRS यानी पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम टिकट बुकिंग और आरक्षण से संबंधित है।
इन प्रणालियों में जरूरी बदलाव होने से पात्र कर्मचारियों के लिए यात्रा पास के आधार पर ऊंची श्रेणी में टिकट बुक करने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हो सकती है। इससे पास की पात्रता और आरक्षण से जुड़े मामलों में स्पष्टता आने की उम्मीद है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?
इस व्यवस्था का लाभ निर्धारित नियमों के तहत पात्र रेलवे कर्मचारियों और संबंधित पास धारकों को मिलेगा। हालांकि, हर कर्मचारी को हर ट्रेन में किसी भी श्रेणी में यात्रा करने की स्वतः अनुमति नहीं होगी। यात्रा की सुविधा पास के प्रकार, कर्मचारी की पात्रता, संबंधित ट्रेन के नियम और सीटों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
कुल मिलाकर, रेलवे के इस स्पष्टीकरण से पास धारकों को राजधानी, दुरंतो और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में ऊंची श्रेणी में सफर करने का विकल्प मिल सकता है। किराये के अंतर का भुगतान करके यात्रा करने की यह सुविधा पात्र कर्मचारियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।