पटना/राघोपुर: गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर, तेज बहाव और लगातार हो रहे कटाव को लेकर राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों में चिंता बढ़ गई है। संभावित बाढ़ और कटाव से गांवों, घरों और खेती योग्य जमीन को होने वाले नुकसान के खतरे को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री को पत्र लिखकर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।


तेजस्वी यादव ने अपने पत्र में कहा है कि वैशाली जिले के राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के राघोपुर एवं बिदुपुर प्रखंड के कई पंचायत और गांव गंगा नदी के किनारे स्थित हैं। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ कई स्थानों पर नदी का बहाव काफी तेज हो गया है। तेज धार और जलस्तर में वृद्धि के कारण तटवर्ती इलाकों में कटाव का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इससे स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल है।


पत्र में तेजस्वी यादव ने विशेष रूप से राघोपुर प्रखंड के दो पंचायत क्षेत्रों में हो रहे कटाव की स्थिति का जिक्र किया है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान में बहरामपुर पंचायत और चकसिंगार पंचायत के कुछ गांवों में कटाव निरोधक कार्य कराना अत्यंत आवश्यक है। चकसिंगार पंचायत के शिव नगर लंका टोला में भी गंगा नदी के कटाव का खतरा बताया गया है।


नेता प्रतिपक्ष ने जल संसाधन मंत्री से आग्रह किया है कि इन स्थानों पर कटाव की स्थिति का तत्काल आकलन कराया जाए और आवश्यकता के अनुसार बोल्डर पिचिंग, जियो बैग सहित अन्य आवश्यक कटाव निरोधक कार्य शुरू किए जाएं। उन्होंने कहा कि समय रहते सुरक्षात्मक कार्य नहीं कराए गए तो गंगा नदी का कटाव तेजी से गांवों की ओर बढ़ सकता है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।


राघोपुर क्षेत्र लंबे समय से गंगा नदी के जलस्तर और कटाव की समस्या से प्रभावित रहा है। बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने के साथ नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों की चिंता बढ़ जाती है। तेज बहाव के कारण नदी की धारा कई स्थानों पर जमीन को काटते हुए आगे बढ़ती है, जिससे घरों के साथ-साथ किसानों की उपजाऊ जमीन भी खतरे में पड़ जाती है।


तेजस्वी यादव ने पत्र में कहा है कि संबंधित पंचायतों और गांवों की स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए। कटाव की आशंका वाले स्थानों पर तकनीकी टीम भेजकर स्थिति की जांच कराने और स्थायी अथवा अस्थायी सुरक्षा उपाय करने की जरूरत है। उनका कहना है कि समय रहते कटाव निरोधक कार्य शुरू होने से ग्रामीणों की आबादी, कृषि भूमि और सार्वजनिक संपत्तियों को सुरक्षित किया जा सकता है।


पत्र में मंत्री से आग्रह किया गया है कि बहरामपुर पंचायत और चकसिंगार पंचायत सहित प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार बोल्डर पिचिंग, जियो बैग और अन्य कटाव रोकने वाले उपायों के लिए शीघ्र आदेश दिया जाए। तेजस्वी यादव ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि प्रशासनिक स्तर पर तत्काल कार्रवाई होने से संभावित नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।


गौरतलब है कि गंगा नदी के किनारे बसे इलाकों में जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के दौरान कटाव एक बड़ी समस्या बन जाता है। कटाव शुरू होने के बाद नदी का रुख लगातार बदल सकता है और इसका सीधा असर गांवों और खेती की जमीन पर पड़ता है। ऐसे में स्थानीय लोगों को सुरक्षित रखने के लिए समय पर सुरक्षात्मक कार्य कराना बेहद जरूरी माना जाता है।


तेजस्वी यादव के पत्र के बाद अब प्रभावित क्षेत्रों में जल संसाधन विभाग की कार्रवाई पर लोगों की नजर है। स्थानीय ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन और विभागीय अधिकारी जल्द प्रभावित स्थानों का निरीक्षण कर कटाव रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते काम शुरू हो गया तो गंगा नदी के संभावित कटाव से गांवों और कृषि भूमि को बचाया जा सकता है। अब देखना होगा कि जल संसाधन विभाग तेजस्वी यादव की मांग पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और राघोपुर के गंगा किनारे बसे गांवों को कटाव के खतरे से बचाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।