Rabri Devi : बिहार की राजनीति में सरकारी आवास को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने साफ शब्दों में कहा है कि वह पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को  खाली नहीं करेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार आवास खाली कराना चाहती है तो फोर्स बुलाकर खाली करवा ले।


दिल्ली से पटना लौटने के बाद मीडिया से बातचीत में राबड़ी देवी ने कहा कि, "हम आवास खाली नहीं करेंगे। सम्राट चौधरी नया-नया मुख्यमंत्री बने हैं, चाहें तो फोर्स बुलाकर आवास खाली करवा लें।" उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी गर्मी बढ़ गई है।


दरअसल, भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास तत्काल खाली करने का नोटिस जारी किया है। विभाग का कहना है कि यह आवास अब बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया जा चुका है। ऐसे में पूर्व आवंटन को समाप्त करते हुए राबड़ी देवी से मकान खाली करने का अनुरोध किया गया है।


जानकारी के अनुसार बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद नेता प्रतिपक्ष के रूप में राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया गया था। भवन निर्माण विभाग के आदेश संख्या-122, दिनांक 25 नवंबर 2025 के तहत यह आवास उनके नाम से स्वीकृत किया गया था। इसके बावजूद वह अब तक पुराने आवास 10 सर्कुलर रोड में ही रह रही हैं।


भवन निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव-सह-भू संपदा पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित नए आवास में स्थानांतरित होना चाहिए और 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला तत्काल खाली करना चाहिए। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस प्रस्ताव को सक्षम प्राधिकार की मंजूरी प्राप्त है।


उल्लेखनीय है कि लालू प्रसाद यादव का परिवार वर्ष 2005 से 10 सर्कुलर रोड स्थित इस सरकारी आवास में रह रहा है। पिछले छह महीनों के दौरान विभाग की ओर से कई बार मौखिक और लिखित रूप से आग्रह किया गया कि राबड़ी देवी नए आवंटित आवास में चली जाएं, लेकिन अब तक आवास खाली नहीं किया गया है।


इस मामले पर भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 10 सर्कुलर रोड का आवंटन मंत्री नंदकिशोर राम के नाम हो चुका है, इसलिए नियमों के अनुसार राबड़ी देवी को नोटिस जारी किया गया है। सरकार चाहती है कि आवंटन प्रक्रिया का पालन हो और संबंधित मंत्री को उनका निर्धारित आवास उपलब्ध कराया जाए। अब देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है। राबड़ी देवी के सख्त रुख और सरकार के नोटिस के बीच यह विवाद आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है।