Bihar News : प्रिंस यादव की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रौशन आनंद ने खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक फैजल खान उर्फ खान सर समेत कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। रौशन आनंद ने साफ चेतावनी दी है कि यदि पुलिस शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करती है तो बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
रौशन आनंद ने कदमकुआं थाने में लिखित आवेदन देकर अपने छोटे भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत, खुद को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने और जेल के भीतर जान से मारने की कोशिश किए जाने के मामले में कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में उन्होंने फैजल खान उर्फ खान सर, डॉ. रामाशंकर प्रसाद, कन्हैया कुमार सिंह समेत अन्य लोगों पर आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है।
अपने आवेदन में रौशन आनंद ने बताया है कि वह मुसल्लहपुर हाट स्थित ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी का संचालन करते हैं और उनके कोचिंग संस्थान के बगल में फैजल खान का कोचिंग संस्थान संचालित होता है। उन्होंने कहा कि 2 जून 2026 की रात दोनों संस्थानों के स्टाफ के बीच पोस्टर हटाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें मारपीट की घटना भी हुई थी और एक गार्ड घायल हो गया था। हालांकि रौशन आनंद का दावा है कि उस समय न तो वह स्वयं, न उनके भाई प्रिंस यादव और न ही अभिषेक घटनास्थल पर मौजूद थे तथा उन्हें इस विवाद की जानकारी भी नहीं थी।
आवेदन के अनुसार, उक्त घटना के बाद उनके खिलाफ साजिश रची गई और उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेज दिया गया। रौशन आनंद ने कहा कि वह 15 जून को जेल से रिहा हुए। जेल से बाहर आने के बाद वह अपने पैतृक गांव पहुंचे, जहां उन्होंने अपने भाई प्रिंस यादव का अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक कर्मकांड पूरे किए। गांव से लौटने के बाद उन्होंने सीधे कदमकुआं थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दी।
इस बीच बुधवार देर शाम रौशन आनंद अपने वकील और समर्थकों के साथ थाने पहुंचे, जहां उन्होंने खान सर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उनका आरोप है कि पुलिस ने उन्हें करीब पांच घंटे तक थाने में बैठाए रखा, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद उन्होंने थाना परिसर में ही धरना शुरू कर दिया।
धरने के दौरान रौशन आनंद भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा, “प्रिंस मेरा कलेजे का टुकड़ा था। उसकी हत्या षड्यंत्र के तहत की गई है। मेरी जिंदगी और करियर बर्बाद हो गया। इसके लिए खान सर जिम्मेदार हैं। अगर पुलिस न्याय नहीं दिला सकती तो मुझे और मेरे माता-पिता को गोली मार दे।”
रौशन आनंद ने यह भी आरोप लगाया कि पटना पुलिस खान सर के खिलाफ कार्रवाई करने से डर रही है। उन्होंने पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है। साथ ही जदयू नेता संजय झा से भी निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की है। थाना परिसर में मौजूद छात्रों ने भी रौशन आनंद के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने “रौशन सर मत घबराना, हम तुम्हारे साथ हैं” जैसे नारे लगाए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया।
रौशन आनंद के वकील ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जब रौशन आनंद के खिलाफ शिकायत हुई थी तो तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया, लेकिन अब जब वह खुद शिकायतकर्ता बनकर न्याय की मांग कर रहे हैं तो उनकी एफआईआर तक दर्ज नहीं की जा रही है। वकील ने आरोप लगाया कि थाना स्तर पर सहयोग नहीं मिल रहा और पुलिस अधिकारी “ऊपर से दबाव” होने की बात कह रहे हैं।
फिलहाल प्रिंस यादव की मौत और उससे जुड़े आरोपों को लेकर सियासी और शैक्षणिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी नजर पुलिस की अगली कार्रवाई और रौशन आनंद द्वारा दिए गए अल्टीमेटम पर टिकी हुई है। यदि निर्धारित समय तक एफआईआर दर्ज नहीं होती है तो पटना में बड़ा प्रदर्शन देखने को मिल सकता है।