PATNA: चुनावी रणनीतिकार एवं जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सोशल मीडिया पर चर्चा में चल रहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अभियान को लेकर सरकार को गंभीरता से सोचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को मिल रहा भारी समर्थन देश में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और महंगाई को लेकर जनता की नाराजगी को दर्शाता है और देश के युवाओं की नाराजगी को बया करता है। 


प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि तथाकथित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के साथ बहुत कम समय में करीब दो करोड़ लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल यह केवल एक सोशल मीडिया अभियान है और इसका कोई स्पष्ट संगठनात्मक ढांचा, नेतृत्व या राजनीतिक एजेंडा सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर लोगों का जुड़ना इस बात का संकेत है कि आम जनता व्यवस्था से परेशान और निराश महसूस कर रही है। बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई, गैस और उर्वरकों की कमी जैसी समस्याओं के कारण लोग इस तरह के अभियानों का समर्थन कर रहे हैं।


गौरतलब है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ सोशल मीडिया पर उस समय चर्चा में आई, जब भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अदालत में ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ शब्दों को लेकर टिप्पणी विवाद का विषय बन गई। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह अभियान तेजी से वायरल हो गया। इस अभियान के संस्थापक अभिजीत दिपके को लेकर भी हाल के दिनों में कई घटनाएं सामने आई हैं। बताया गया कि उनकी वेबसाइट, इंस्टाग्राम और एक्स अकाउंट बंद कर दिए गए हैं। इसके बाद समर्थकों में नाराजगी बढ़ गई।


महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारियों के अनुसार अभिजीत दिपके के घर के बाहर सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। दिपके फिलहाल अमेरिका में पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने पहले सोशल मीडिया पर दावा किया था कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिली है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उनके घर के पास एहतियातन पुलिस तैनात की गई है। वहीं अभिजीत दिपके ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन से बचने की अपील की है।