Bihar Police News: बिहार पुलिस अब पारंपरिक थ्री नॉट थ्री राइफल से आगे बढ़कर आधुनिक और हल्के हथियारों की ओर कदम बढ़ा रही है। लंबे समय तक पुलिसकर्मियों के कंधे पर नजर आने वाली थ्री नॉट थ्री राइफल अब लगभग विदाई की ओर है। इसकी जगह पहले एसएलआर दी गई और अब पुलिस बल को पिस्टल तथा अन्य छोटे आधुनिक हथियार उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
पुलिस मुख्यालय में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एडीजी (एससीआरबी एवं आधुनिकीकरण) अजिताभ कुमार ने बताया कि विधि-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान जनता के बीच जाने वाले पुलिसकर्मियों को अब छोटे हथियार रखने के निर्देश दिए गए हैं। इन हथियारों को संभालना आसान है और ये अनावश्यक रूप से जनता के बीच प्रदर्शित भी नहीं होते।
एडीजी ने बताया कि डायल-112 के पुलिसकर्मियों को छोटे पिस्टल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा बिहार पुलिस को जल्द ही 3400 नए पिस्टल मिलने वाले हैं। विशेष इकाइयों जैसे आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को ग्लॉक पिस्टल जैसे अत्याधुनिक हथियार दिए जा रहे हैं। बिहार पुलिस “मेक इन इंडिया” के तहत तैयार हथियारों को प्राथमिकता दे रही है।
प्रशिक्षण के दौरान नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को सात प्रकार के अत्याधुनिक हथियारों से 50-50 राउंड फायरिंग का अभ्यास कराया जा रहा है। यानी जिलों में तैनाती से पहले जवानों को कम से कम 350 राउंड फायरिंग का अनुभव दिया जा रहा है।
बिहार पुलिस आने वाले समय में “प्रीडिक्टिव पुलिसिंग” पर विशेष फोकस करने जा रही है। एडीजी अजिताभ कुमार के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उन्नत सॉफ्टवेयर की मदद से अपराध के पैटर्न का विश्लेषण किया जाएगा।