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29-Oct-2025 02:22 PM
By First Bihar
Bihar crime : राजधानी पटना के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच (Patna Medical College and Hospital) से एक बार फिर पुलिस निगरानी में रखे गए कैदी के फरार होने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। इस घटना ने न केवल पुलिस की लापरवाही को उजागर किया है, बल्कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, फरार कैदी की पहचान दीपक उर्फ गौरव कुमार के रूप में हुई है। वह पटना के खगौल थाना क्षेत्र से मोबाइल और चेन स्नैचिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद जब स्थानीय लोगों ने उसकी पिटाई कर दी थी, तब पुलिस ने उसे घायल अवस्था में इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा था।अस्पताल में दीपक की निगरानी के लिए दो होमगार्ड सिपाही अजीत कुमार और साधु शरण दास को तैनात किया गया था।
बताया जा रहा है कि मंगलवार देर रात दीपक बाथरूम गया और वहां से खिड़की का शीशा तोड़कर फरार हो गया। जब तक सुरक्षा कर्मियों को इसकी भनक लगी, तब तक वह अस्पताल परिसर से निकल चुका था।घटना के बाद मची अफरा-तफरीकैदी के फरार होने की जानकारी मिलते ही पीएमसीएच परिसर में अफरा-तफरी मच गई। होमगार्ड जवानों ने तुरंत खगौल थाना प्रभारी और पीरबहोर थाना पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मौके पर पुलिस टीम पहुंची और अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
पुलिस को कुछ फुटेज में दीपक के भागते हुए होने के संकेत मिले हैं। हालांकि, अभी तक उसकी लोकेशन का कोई ठोस पता नहीं चल पाया है। पीरबहोर थाने में इस मामले की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और फरार कैदी की तलाश में पुलिस की कई टीमें अलग-अलग दिशाओं में छापेमारी कर रही हैं।फरार कैदी पर पहले से थे कई आरोपजानकारी के मुताबिक, दीपक उर्फ गौरव पर पहले भी चोरी और छिनतई जैसे कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। खगौल क्षेत्र में वह कई बार मोबाइल और चेन स्नैचिंग की घटनाओं में शामिल रहा है। स्थानीय पुलिस ने हाल ही में उसे पकड़कर जेल भेजा था, लेकिन गंभीर चोट लगने के कारण उसे इलाज के लिए पीएमसीएच लाया गया था।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि दीपक पहले से भागने की फिराक में था। उसे पीएमसीएच में लाए जाने के बाद भी उसने अपने कमरे की निगरानी पर नजर रखी और मौका मिलते ही भाग निकला।अस्पताल सूत्रों का कहना है कि बाथरूम की खिड़की पुराने ढांचे की थी और वहां पर मजबूत ग्रिल नहीं लगी थी। इसका फायदा उठाकर कैदी ने शीशा तोड़ा और भाग निकला।
घटना के बाद डीएसपी स्तर के अधिकारी ने पीएमसीएच पहुंचकर जांच की। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि कैदी की निगरानी में तैनात दोनों होमगार्ड सिपाही उस समय मौजूद थे, लेकिन सतर्क नहीं थे।पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस फरारी में किसी ने जानबूझकर मदद की है या यह पूरी तरह से लापरवाही का मामला है। दोनों सिपाहियों से पूछताछ चल रही है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की भी तैयारी की जा रही है।
पटना पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती फरार कैदी को जल्द से जल्द पकड़ने की है। पुलिस टीमों ने खगौल और गर्दनीबाग इलाके में उसके ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। साथ ही, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी उसकी तस्वीर भेज दी गई है ताकि वह शहर छोड़कर बाहर न जा सके।अधिकारियों का कहना है कि दीपक को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
वहीं, पीएमसीएच प्रशासन ने भी अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और सभी वार्डों की खिड़कियों में लोहे की ग्रिल लगाने की बात कही है।यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि बिहार में पुलिस और अस्पताल सुरक्षा व्यवस्था में कई स्तरों पर सुधार की जरूरत है। जब तक निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था सख्त नहीं होगी, ऐसे फरार होने के मामले रुकने वाले नहीं हैं।