Bihar News: पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. एनपी सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने उनके खिलाफ जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मामला उस समय का है, जब स्वास्थ्य मंत्री निशांत के पीएमसीएच दौरे के दौरान डॉ. एनपी सिंह अस्पताल में मौजूद नहीं थे। विभाग का दावा है कि उस दिन वह अपने निजी क्लिनिक में मरीजों को देख रहे थे।


स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मंत्री के दौरे के दिन डॉ. एनपी सिंह की गैरहाजिरी की पुष्टि उनके सरकारी बॉडीगार्ड के बयान से हुई है। बॉडीगार्ड ने अधिकारियों को बताया कि डॉ. सिंह उस समय अपने निजी क्लिनिक में थे। इस जानकारी के बाद विभाग ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।


मंत्री के दौरे से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, स्वास्थ्य मंत्री निशांत के पीएमसीएच निरीक्षण के दौरान प्रिंसिपल डॉ. एनपी सिंह के मौके पर नहीं मिलने का मामला सामने आया था। मंत्री ने अस्पताल प्रशासन से जानकारी मांगी थी और अधिकारियों की मौजूदगी को लेकर नाराजगी जताई थी।


इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए डॉ. एनपी सिंह को पीएमसीएच प्रिंसिपल पद से हटा दिया। हालांकि डॉ. सिंह ने इस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की थी।


डॉ. एनपी सिंह ने दी सफाई

पद से हटाए जाने के बाद डॉ. एनपी सिंह ने कहा था कि वह स्वास्थ्य कारणों से परेशान थे और उनकी स्थिति को सही तरीके से समझे बिना कार्रवाई की गई। उन्होंने इस्तीफा देने की बात भी कही थी।


डॉ. सिंह का कहना था कि उनके खिलाफ जो कार्रवाई हुई है, वह उचित प्रक्रिया के तहत नहीं हुई। उन्होंने अपनी तरफ से सफाई देते हुए कई सवाल भी उठाए थे।


हाईलेवल जांच कमेटी करेगी मामले की पड़ताल

स्वास्थ्य विभाग अब इस मामले की विस्तृत जांच करा रहा है। विभाग की ओर से डॉ. एनपी सिंह के निजी क्लिनिक से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि जांच के लिए कुछ मरीजों को डमी पेशेंट के रूप में भेजे जाने की भी बात सामने आई है।


जांच कमेटी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या सरकारी पद पर रहते हुए डॉ. सिंह नियमित रूप से निजी क्लिनिक में मरीज देखते थे या नहीं। इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि पीएमसीएच जैसे बड़े सरकारी अस्पताल की जिम्मेदारी संभालते हुए उनकी उपस्थिति और कार्यप्रणाली कैसी रही।


कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग सख्त

पीएमसीएच बिहार का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है और यहां हर दिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल के शीर्ष पद पर बैठे अधिकारी की अनुपस्थिति को विभाग गंभीरता से ले रहा है।


स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सरकारी जिम्मेदारी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।


फिलहाल डॉ. एनपी सिंह के मामले में जांच जारी है और सभी की नजरें स्वास्थ्य विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।