Bihar solar scheme: पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत काम कर रही कंपनियों पर अब सख्ती की जाएगी। यदि कंपनियां तय समय सीमा के भीतर बैंक गारंटी जमा नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को मुख्य सचिव स्तर पर हुई योजना की समीक्षा बैठक में इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए।
बैठक में योजना के तहत चल रहे "यूटिलिटी लेड एग्रीगेशन" (यूला) मॉडल की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही राज्य की दोनों बिजली वितरण कंपनियों एसबीपीडीसीएल और एनबीपीडीसीएल के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की भी जानकारी ली गई।
समीक्षा बैठक के दौरान कुछ एजेंसियों द्वारा काम में धीमी प्रगति और नियमों की अनदेखी पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को लापरवाह एजेंसियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एनबीपीडीसीएल के तहत दरभंगा सर्किल में काम कर रही लैंडस्काई और पूर्णिया में कार्यरत सेन एंड पंडित को धीमी प्रगति और नियमों के पालन में कमी को लेकर तत्काल प्रभाव से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
वहीं, एसबीपीडीसीएल के तहत सेन एंड पंडित (औरंगाबाद, भागलपुर, नालंदा) और सन फीड इकोसॉल्यूशन (पटना) द्वारा परफॉर्मेंस बैंक गारंटी जमा नहीं करने पर भी कड़ा संज्ञान लिया गया है। इन एजेंसियों को तत्काल नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो कंपनियां निर्धारित समय सीमा के अंदर बैंक गारंटी जमा नहीं करेंगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके अलावा जिन कंपनियों के वेंडर और इनवर्टर/मॉड्यूल अप्रूवल की प्रक्रिया लंबित है, उनकी जांच उसी दिन पूरी कर मंजूरी देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सोलर उपकरणों की आपूर्ति में किसी तरह की बाधा न आए।
बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के काम में तेजी लाने और सभी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया। सरकार का उद्देश्य है कि योजना के तहत सौर ऊर्जा परियोजनाओं का क्रियान्वयन सुचारू रूप से हो और अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।