पटना : राजधानी पटना के मिलर हाईस्कूल मैदान में बुधवार को आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑनलाइन संबोधन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मैदान में लगाई गई बड़ी स्क्रीन पर कार्यकर्ताओं और पार्टी नेताओं ने प्रधानमंत्री का संबोधन सुना। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, प्रदेश महामंत्री संगठन भीखू भाई समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। पीएम मोदी के संबोधन के दौरान मैदान में लगातार उत्साह का माहौल बना रहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी, तब उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि सार्वजनिक जीवन में सेवा करते हुए 25 वर्ष पूरे होंगे। उन्होंने इस लंबे सफर को जनता के निरंतर आशीर्वाद का परिणाम बताया।

25 साल का सफर जनता के आशीर्वाद से

पीएम मोदी ने कहा कि इन 25 वर्षों के दौरान विधानसभा से लेकर लोकसभा तक कई चुनाव हुए। अलग-अलग परिस्थितियां आईं, लेकिन जनता ने लगातार उन्हें सेवा करने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि देश की जनता के विश्वास और आशीर्वाद का परिणाम है।

उन्होंने लोकतंत्र और संविधान के प्रति भी आभार जताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की जनता ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, वह उनके लिए सबसे बड़ा दायित्व है। उन्होंने भाजपा, एनडीए और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी राजनीतिक साथियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

‘जनता-जनार्दन मेरे लिए ईश्वर का रूप’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में जनता के साथ अपने रिश्ते को बेहद भावनात्मक अंदाज में रखा। उन्होंने कहा कि आज वह जिस मुकाम पर हैं, उसमें सबसे बड़ा योगदान देश की जनता का है। जनता-जनार्दन उनके लिए ईश्वर का ही रूप है। पीएम मोदी ने कहा कि देशवासियों का विश्वास और भाजपा कार्यकर्ताओं का परिश्रम उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि देश ने उन्हें बहुत कुछ दिया है, इसलिए देश के प्रति उनका दायित्व भी उतना ही बड़ा है। उनके इस संदेश को पटना में मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ सुना।

25 साल का अनुभव बताया देश की पूंजी

प्रधानमंत्री ने अपने 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन के अनुभव को देश की बड़ी पूंजी बताया। उन्होंने कहा कि यह पूंजी केवल उनकी व्यक्तिगत पूंजी नहीं है, बल्कि पूरे देश की है। इस दौरान मिले अनुभवों ने उन्हें लगातार सीखने और आगे बढ़ने का अवसर दिया। अपने छात्र जीवन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सीखने की ललक आज भी उनके जीवन का हिस्सा है। उन्होंने खुद को आज भी विद्यार्थी बताते हुए कहा कि हर दिन कुछ नया सीखने और समझने का प्रयास करते हैं।

जीत ने विनम्रता और हार ने दोबारा खड़ा होना सिखाया

पीएम मोदी ने अपने राजनीतिक जीवन के उतार-चढ़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि जिसने उन्हें जिताया, उसने विनम्र होना सिखाया और जिसने उन्हें गिराया, उसने दोबारा खड़ा होना सिखाया। उन्होंने कहा कि शुभचिंतकों ने उन्हें प्रोत्साहित किया, जबकि आलोचकों ने उन्हें अपने भीतर झांकने का अवसर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जीवन में आने वाला हर संकट धैर्य की परीक्षा होता है। वहीं, हर सफलता व्यक्ति को अधिक जिम्मेदारी उठाने और बड़े लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने का साहस देती है। उन्होंने अपने अनुभवों को देश की सेवा के लिए लगातार प्रेरणा देने वाला बताया।

‘सबका प्रयास’ से विकसित भारत का संकल्प

पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन सिर्फ पुरानी यादों को दोहराने का अवसर नहीं है, बल्कि पुराने अनुभवों से ऊर्जा लेकर नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का दिन है। उन्होंने लाल किले से दिए गए ‘सबका प्रयास’ के संदेश को दोहराते हुए देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

पटना के मिलर हाईस्कूल मैदान में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के इस संदेश को बिहार के संगठन और जनभागीदारी से जोड़ने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच खासा उत्साह दिखाई दिया। बड़ी स्क्रीन पर पीएम मोदी का संबोधन देखते हुए कार्यकर्ताओं ने उनके 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और आगे के विकसित भारत के संकल्प को संगठन के लिए नई ऊर्जा का संदेश बताया।