Petrol Price : देशभर की आम जनता को एक बार फिर महंगाई का बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरों के अनुसार पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। बढ़ी हुई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं, जिसके बाद आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
लगातार बढ़ रही ईंधन कीमतों ने पहले से महंगाई की मार झेल रहे लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की दैनिक जिंदगी पर पड़ता है। परिवहन खर्च बढ़ने से खाद्य पदार्थों, सब्जियों, फल, दूध और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी उछाल आने की आशंका जताई जा रही है।
तेल कंपनियों की ओर से जारी नई दरों के बाद राजधानी दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत देश के कई बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गए हैं। कई राज्यों में पेट्रोल पहले ही 100 रुपये प्रति लीटर के पार चल रहा है, जबकि डीजल भी तेजी से शतक की ओर बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी का असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ रहा है। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स भी पेट्रोल-डीजल को महंगा बनाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। हालांकि आम जनता को उम्मीद थी कि सरकार राहत दे सकती है, लेकिन ताजा बढ़ोतरी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
वाहन चालकों, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और मध्यम वर्गीय परिवारों में इस फैसले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन की कीमतों में इजाफा आम आदमी की कमर तोड़ रहा है। निजी वाहन चलाना महंगा हो गया है, वहीं सार्वजनिक परिवहन का किराया बढ़ने की संभावना भी बढ़ गई है।
ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी, जिसका असर सीधे बाजार पर दिखाई देगा। ट्रकों और बसों का संचालन खर्च बढ़ने से आने वाले दिनों में किराए में वृद्धि हो सकती है। इससे रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में भी तेजी आने की संभावना है।
विपक्षी दलों ने भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार जनता को राहत देने में विफल रही है और लगातार बढ़ती महंगाई से आम लोगों का जीवन मुश्किल होता जा रहा है। कई नेताओं ने केंद्र से एक्साइज ड्यूटी कम करने और जनता को राहत देने की मांग की है।
इधर, आम लोगों को अब उम्मीद है कि सरकार जल्द कोई राहतभरा फैसला ले सकती है। फिलहाल पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों ने घरेलू बजट बिगाड़ दिया है और महंगाई को लेकर लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।