Pawan Singh : भोजपुरी सिनेमा के चर्चित अभिनेता और बिहार के भाजपा एमएलसी पवन सिंह की निजी जिंदगी से जुड़ा कानूनी विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। परिवार न्यायालय में चल रहे भरण-पोषण के मामले में पवन सिंह शनिवार को एक बार फिर पेश नहीं हुए। उनकी ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट में उनकी मां की तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए अगली तारीख देने की मांग की। बार-बार गैरहाजिर रहने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और पवन सिंह पर तीन हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया। मामले की अगली सुनवाई अब 12 नवंबर को होगी।


दरअसल, पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच रिश्तों में आई खटास अब कई साल पुराने कानूनी विवाद में बदल चुकी है। दोनों की शादी छह मार्च 2018 को बलिया शहर के मिड्ढी निवासी रामबाबू सिंह की बेटी ज्योति से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के रिश्तों में तनाव की खबरें सामने आने लगीं। देखते ही देखते मामला अदालत तक पहुंच गया।


पवन सिंह की ओर से आरा की अदालत में तलाक की अर्जी दाखिल की गई। दूसरी तरफ ज्योति सिंह ने 22 अप्रैल 2022 को परिवार न्यायालय में भरण-पोषण के लिए याचिका दायर की। ज्योति ने अपनी याचिका में ससुराल में प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया गया और गर्भपात तक कराया गया।


ज्योति का आरोप है कि 17 अक्टूबर 2019 के बाद से उन्हें रोजमर्रा के खर्च और दवा-इलाज के लिए कोई आर्थिक सहायता नहीं दी गई। इसी आधार पर उन्होंने अपने व्यक्तिगत खर्च और घर के खर्च के लिए हर महीने पांच लाख रुपये भरण-पोषण के तौर पर दिए जाने की मांग की है।


इसी मामले में कोर्ट की ओर से पवन सिंह की मौजूदगी को लेकर पहले भी सख्ती दिखाई जा चुकी है। पांच अक्टूबर को सुनवाई के दौरान गैरहाजिर रहने पर कोर्ट ने उन पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया था और 17 अक्टूबर को पेश होने का निर्देश दिया था। लेकिन अगली तारीख पर भी उनकी गैरमौजूदगी के बाद अब जुर्माने की राशि बढ़ाकर तीन हजार रुपये कर दी गई है।


पवन सिंह और ज्योति सिंह का विवाद केवल अदालत की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहा। दोनों के रिश्तों को लेकर समय-समय पर सार्वजनिक तौर पर भी आरोप-प्रत्यारोप सामने आते रहे हैं। साल 2025 में लखनऊ में ज्योति सिंह को अपने घर के बाहर पुलिस अधिकारियों से बहस करते और रोते हुए देखा गया था। उस समय उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पति ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।


हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि उस समय कोई आधिकारिक मामला दर्ज नहीं किया गया था। पुलिस के मुताबिक, ज्योति को चल रही कानूनी कार्यवाही के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। अधिकारियों के बार-बार थाने चलने के अनुरोध के बावजूद ज्योति ने जाने से इनकार कर दिया था। उन्होंने पुलिस पर सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का आरोप लगाया था।


उस दौरान एक पुलिस अधिकारी ने दंपति के बीच चल रही कानूनी कार्यवाही का हवाला देते हुए ज्योति की एक शिकायत का भी जिक्र किया था, जिसमें कथित तौर पर पवन सिंह पर हत्या का आरोप लगाए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि ज्योति ने इससे इनकार किया और कहा कि उनकी शिकायत केवल गुजारे-भत्ते से संबंधित थी, किसी आपराधिक मामले से नहीं।


विवाद यहीं नहीं थमा। ज्योति ने पवन सिंह पर बेवफाई के भी आरोप लगाए। उनका दावा था कि चुनाव के कुछ समय बाद पवन सिंह उनके सामने ही दूसरी महिला को होटल लेकर गए थे। इन आरोपों के बाद दोनों के बीच चल रहा विवाद और ज्यादा सार्वजनिक हो गया।


अब इस पूरे मामले की नजर 12 नवंबर की अगली सुनवाई पर है। फिलहाल कोर्ट ने पवन सिंह पर तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया है और अगली तारीख तय कर दी है। करीब आठ साल पहले शुरू हुआ यह वैवाहिक रिश्ता अब लंबे कानूनी विवाद का रूप ले चुका है, जिसमें हर नई तारीख के साथ पवन सिंह और ज्योति सिंह के रिश्ते की कहानी का एक नया अध्याय सामने आता है।