Pawan Singh Jyoti Singh Case: भोजपुरी अभिनेता और भाजपा नेता पवन सिंह शनिवार को पत्नी ज्योति सिंह से जुड़े तलाक और भरण-पोषण के मामले में एक बार फिर बलिया फैमिली कोर्ट में पेश नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति पर अदालत ने उन पर 3 हजार रुपये का हर्जाना लगाया। सुनवाई के बाद ज्योति सिंह ने नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि पवन सिंह बार-बार अदालत में पेश नहीं हो रहे हैं और इस तरह कोर्ट का मजाक बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ न्यायालय पर भरोसा है और वहीं से न्याय मिलने की उम्मीद है।
शनिवार को हुई सुनवाई में ज्योति सिंह अदालत पहुंचीं, लेकिन पवन सिंह अनुपस्थित रहे। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारीख निर्धारित की है। साथ ही पवन सिंह को अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने का अंतिम मौका दिया गया है।
सुनवाई के बाद ज्योति सिंह ने कहा कि वह आज भी पवन सिंह के साथ रहना चाहती हैं। हालांकि, यदि पवन सिंह उन्हें अपने साथ नहीं रखना चाहते, तो उन्हें गुजारा भत्ता दिया जाना चाहिए। ज्योति ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है और वह अदालत से न्याय की उम्मीद कर रही हैं। उन्होंने पवन सिंह की लगातार गैरमौजूदगी पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि हर बार सुनवाई के दौरान उनकी अनुपस्थिति के बाद अगली तारीख मिल जाती है। ज्योति के मुताबिक, इससे न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी हो रही है।
ज्योति सिंह के वकील अखिलेश सिंह ने बताया कि पिछली सुनवाई के दौरान भी पवन सिंह को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। इस बार भी उनके पेश नहीं होने पर अदालत ने अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का अंतिम अवसर दिया है। वहीं, पवन सिंह के वकील हरिवंश सिंह ने सुनवाई के दौरान उनकी मां से संबंधित मेडिकल दस्तावेज अदालत में जमा किए। इसके साथ ही मध्यस्थता (मीडिएशन) के लिए आवेदन भी दिया गया।
इस पर ज्योति सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि इस बार भी उनकी मां की तबीयत खराब होने का हवाला दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपने भाई को भेजा था और उनकी मां अगले ही दिन अस्पताल से डिस्चार्ज हो गई थीं। ज्योति ने आरोप लगाया कि पवन सिंह की ओर से बार-बार उनकी मां की बीमारी का कारण बताकर अदालत में पेशी से अनुपस्थित रहने की बात कही जा रही है।
इससे पहले 5 अक्टूबर को भी पवन सिंह को बलिया फैमिली कोर्ट में पेश होना था, लेकिन वह उस दिन भी अदालत नहीं पहुंचे थे। उनके वकील ने उनकी मां की तबीयत खराब होने की जानकारी दी थी। इसके बाद अदालत ने पवन सिंह पर 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था और अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने का अंतिम मौका दिया था। इसी सुनवाई के दौरान समय पर साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने के मामले में ज्योति सिंह पर भी 500 रुपये का हर्जाना लगाया गया था।
पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच यह मामला तलाक और भरण-पोषण से जुड़ा है। ज्योति सिंह ने 22 अप्रैल 2022 को बलिया फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण के लिए याचिका दाखिल की थी। इससे पहले पवन सिंह ने बिहार के आरा स्थित फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दी थी।
दोनों के बीच विवाद सुलझाने के लिए अदालत की ओर से काउंसिलिंग और मध्यस्थता की कोशिशें भी की गईं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है। फिलहाल मामले में अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी। अब देखना होगा कि अगली तारीख पर पवन सिंह अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होते हैं या नहीं।