बिहार में शराबबंदी कानून का माखौल उड़ा रही खाकी, दारोगा का शराब के साथ वीडियो वायरल; जांच के आदेश बिहार में शराबबंदी कानून का माखौल उड़ा रही खाकी, दारोगा का शराब के साथ वीडियो वायरल; जांच के आदेश निशांत को ही सीएम बनाना होता तो BJP नीतीश को जबरदस्ती राज्यसभा क्यों भेजती? JDU कार्यकर्ताओं की मांग पर बोले मुकेश सहनी निशांत को ही सीएम बनाना होता तो BJP नीतीश को जबरदस्ती राज्यसभा क्यों भेजती? JDU कार्यकर्ताओं की मांग पर बोले मुकेश सहनी मेला दिखाने के बहाने युवती से दुष्कर्म, रेप के बाद बॉयफ्रेंड ने लड़की को दोस्तों के सामने परोसा, विरोध करने पर मार डाला मेला दिखाने के बहाने युवती से दुष्कर्म, रेप के बाद बॉयफ्रेंड ने लड़की को दोस्तों के सामने परोसा, विरोध करने पर मार डाला बिहार में बिना जुताई अब आलू की खेती: जीरो टिलेज पर सरकार का फोकस, जल्द लागू होगी नई तकनीक बिहार में बिना जुताई अब आलू की खेती: जीरो टिलेज पर सरकार का फोकस, जल्द लागू होगी नई तकनीक बिहार में अब सरकारी टेंडरों पर रहेगी EOU की पैनी नजर, 5 सदस्यीय टीम गठित; गड़बड़ी करने वालों का खेल खत्म बिहार में अब सरकारी टेंडरों पर रहेगी EOU की पैनी नजर, 5 सदस्यीय टीम गठित; गड़बड़ी करने वालों का खेल खत्म
27-Jan-2026 08:32 AM
By First Bihar
Bihar Water Metro : बिहार की राजधानी पटना के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल होने जा रही है। अप्रैल महीने से पटना में वाटर मेट्रो सेवा की शुरुआत होने जा रही है। कोच्चि के बाद पटना देश का दूसरा ऐसा शहर होगा, जहां आधुनिक वाटर मेट्रो चलाई जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से न सिर्फ राजधानी की यातायात व्यवस्था को नया विकल्प मिलेगा, बल्कि पर्यटन, पर्यावरण और नदी परिवहन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
पटना वाटर मेट्रो को चलाने की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को सौंपी गई है। यह मेट्रो पूरी तरह इलेक्ट्रिक होगी, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी। पहले चरण में वाटर मेट्रो को दीघा घाट से कंगनघाट तक चलाया जाएगा। इस रूट पर दीघा घाट, गांधी घाट, गाय घाट और कंगनघाट को प्रमुख स्टॉपेज बनाया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए दीघा, गांधी घाट और कंगनघाट पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, जिसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है।
किराया और समय सारिणी
वाटर मेट्रो के किराए को आम लोगों की पहुंच में रखा गया है। न्यूनतम किराया 50 रुपये और अधिकतम किराया 100 रुपये तय किया गया है। यात्री बिहार टूरिज्म की ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए टिकट बुक कर सकेंगे। इसके अलावा जल्द ही एक मोबाइल एप भी लॉन्च किया जाएगा, जिससे ऑनलाइन टिकट बुकिंग और आसान हो जाएगी। वाटर मेट्रो का संचालन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक किया जाएगा।
क्षमता और लागत
प्रत्येक वाटर मेट्रो बोट में लगभग 100 यात्री एक साथ सफर कर सकेंगे। इस परियोजना की कुल लागत करीब 908 करोड़ रुपये बताई जा रही है। एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बोट की कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये है। बोट को आधुनिक सुरक्षा मानकों और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इस बोट का नाम MV-Gomadharkonwar रखा गया है।
भविष्य की बड़ी योजना
पटना वाटर मेट्रो सिर्फ राजधानी तक सीमित नहीं रहेगी। भविष्य में इसे सोनपुर और वैशाली जैसे जिलों से भी नदी मार्ग के जरिए जोड़ा जाएगा। इससे गंगा नदी के दोनों किनारों के इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इस प्रोजेक्ट में कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड तकनीकी सहयोग दे रही है, जो पहले ही देश की पहली वाटर मेट्रो को सफलतापूर्वक संचालित कर चुकी है।
पर्यावरण और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
वाटर मेट्रो के संचालन से बिहार में प्रदूषण नियंत्रण को बड़ी मदद मिलेगी, क्योंकि यह डीजल या पेट्रोल पर नहीं, बल्कि बिजली से चलेगी। साथ ही, इससे नदी पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी। बिहार में गंगा नदी 12 जिलों, गंडक 7 जिलों और बूढ़ी गंडक 5 जिलों से होकर गुजरती है। ऐसे में जल परिवहन के माध्यम से जिलों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
आम लोगों को होगा फायदा
वाटर मेट्रो से न सिर्फ यात्रियों को आने-जाने का एक नया, सस्ता और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा, बल्कि भविष्य में माल ढुलाई के लिए भी यह एक बेहतर साधन साबित हो सकता है। सड़क यातायात पर दबाव कम होगा और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी।
कुल मिलाकर, पटना वाटर मेट्रो परियोजना बिहार के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। यह न केवल राजधानी की पहचान को नई ऊंचाई देगी, बल्कि बिहार को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था की ओर भी ले जाएगी।