Bihar News: पटना में गंगा किनारे बन रहा वेस्ट टू वंडर पार्क अब जल्द ही लोगों के लिए तैयार होने वाला है. बांस घाट स्थित देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद के समाधि स्थल के पास करीब 10 एकड़ में विकसित किए जा रहे इस पार्क में बिहार की ऐतिहासिक विरासत, कला, संस्कृति और प्रमुख स्थलों को अनोखे अंदाज में दिखाया जाएगा. पार्क का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और अक्टूबर के अंत तक इसके पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है.


देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती 3 दिसंबर को इस पार्क को आम लोगों के लिए खोलने की संभावना है. उत्तर में जेपी गंगा पथ और दक्षिण में अशोक राजपथ के बीच गंगा तट पर बन रहा यह पार्क राजधानी पटना के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो सकता है.


कबाड़ से तैयार की जा रहीं कलाकृतियां

वेस्ट टू वंडर पार्क की सबसे खास बात यह है कि यहां बेकार और अनुपयोगी सामान को रचनात्मक तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है. लोहे के स्क्रैप, पुराने टायर, टूटे पाइप, बोतलें, इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट और अन्य धातु के सामान से अलग-अलग कलात्मक संरचनाएं तैयार की जा रही हैं.


पार्क में कुल 38 कलाकृतियां स्थापित की जाएंगी. इनमें बिहार की 14 प्रमुख विभूतियों की प्रतिमाएं, 13 ऐतिहासिक स्मारकों की प्रतिकृतियां, सात प्रमुख पशु-पक्षियों की आकृतियां और बिहार की चार प्रमुख चित्रकलाओं को शामिल किया गया है.


एक जगह दिखेंगे बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक स्थल

पार्क में बिहार की पहचान से जुड़े कई ऐतिहासिक स्थलों की प्रतिकृतियां भी तैयार की गई हैं. इनमें नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेष, महाबोधि मंदिर, शेरशाह सूरी का मकबरा, विक्रमशिला विश्वविद्यालय, मुंडेश्वरी मंदिर और वैशाली का अशोक स्तंभ प्रमुख हैं.


पार्क की दीवारों और अन्य हिस्सों में मधुबनी, मंजूषा, टिकुली और सुजनी कला पर आधारित चित्रकारी भी की जाएगी. इससे बिहार की पारंपरिक कला और संस्कृति को भी एक ही परिसर में देखने का मौका मिलेगा.


14.98 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा निर्माण

करीब 10 एकड़ में बन रहे इस पार्क के निर्माण पर 14.98 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. पार्क का निर्माण बुडको की देखरेख में कराया जा रहा है. परिसर में लोगों के घूमने के लिए पाथवे के साथ बैठने की व्यवस्था, फूड कोर्ट, पेयजल, शौचालय और हरियाली की भी व्यवस्था की जा रही है.


पार्क की बिजली जरूरतों में सौर ऊर्जा की भी बड़ी भूमिका होगी. आकर्षक लाइटिंग के लिए सोलर प्लेट का इस्तेमाल किया जाएगा और पार्क की करीब 45 प्रतिशत विद्युत आपूर्ति सौर ऊर्जा से करने की योजना है.


90 प्रतिशत निर्माण पूरा

अधिकारियों के अनुसार पार्क का करीब 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. पाथवे, हॉर्टिकल्चर और इलेक्ट्रिकल से जुड़े काम भी लगभग 50 प्रतिशत पूरे हो चुके हैं. गंगा नहर में पानी आ जाने के कारण फिलहाल कुछ निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है. पानी कम होने के बाद इन कामों में तेजी लाने की तैयारी है.


बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर ने बताया कि देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद के समाधि स्थल के पास करीब 10 एकड़ में बन रहा वेस्ट टू वंडर पार्क निर्माण के अंतिम चरण में है. अक्टूबर के अंत तक पार्क का शत-प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.