पटना: बिहार की राजधानी पटना के वीवीआईपी इलाके में गुरुवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब सचिवालय के समीप एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ। शव मोकामा के विधायक अनंत सिंह के सरकारी आवास के ठीक बगल में स्थित 15 नंबर पुल के नीचे मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है और पुलिस मामले की हर पहलू से पड़ताल कर रही है।
जानकारी के अनुसार, सुबह किसी अज्ञात व्यक्ति ने पुलिस को फोन कर पुल के नीचे एक शव पड़े होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम (एफएसएल) को भी मौके पर बुलाया गया, ताकि घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शव एक युवक का प्रतीत हो रहा है, लेकिन उसकी उम्र, पहचान और मौत के कारणों की पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। प्रारंभिक जांच में मृतक के पास से कोई ऐसा दस्तावेज नहीं मिला, जिससे उसकी पहचान हो सके। ऐसे में पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट और अन्य रिकॉर्ड खंगाल रही है।
घटना सचिवालय जैसे अत्यंत संवेदनशील और वीवीआईपी इलाके में हुई है, इसलिए पुलिस इसे गंभीरता से ले रही है। जिस स्थान पर शव मिला है, उसके आसपास कई जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी आवास स्थित हैं। ऐसे में सुबह-सुबह शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिलने के लगभग एक घंटे के भीतर टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत सामान्य परिस्थितियों में हुई है या उसके साथ किसी प्रकार की आपराधिक घटना हुई है।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मृतक वहां कैसे पहुंचा और उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति था या नहीं। इसके अलावा आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान स्थापित करना फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसके लिए सोशल मीडिया, पुलिस नेटवर्क और अन्य माध्यमों का भी सहारा लिया जाएगा। यदि किसी थाने में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट से शव का मिलान होता है तो परिजनों को सूचना दी जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हर एंगल से पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। राजधानी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले वीवीआईपी क्षेत्र में अज्ञात युवक का शव मिलने की इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि आखिर मृतक कौन था और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।