PATNA: पटना में भारी बवाल के बाद राजधानी के डाकबंगला चौराहा पर सेना के जवानों को उतार दिया गया है। जिसमें एसएसबी, सीआरपीएफ, बीएसएफ के जवान शामिल हैं। वही  विधानसभा की सुरक्षा भी बढ़ा दी गयी है। सदन के बाहर और भीतर भारी संख्या में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गयी है। छात्रों के हंगामे और बीजेपी और कांग्रस कार्यकर्ताओं के बीच हुई मारपीट के बाद विधानमंडल का गेट बंद कर दिया गया है। वही बीजेपी दफ्तर के बाहर भी सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। 


दरअसल बुधवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के नेतृत्व में छात्रों ने गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से राजभवन की ओर मार्च शुरू किया था। प्रदर्शनकारी शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। राजभवन मार्च निकाल रहे छात्रों पर पुलिस ने कार्रवाई की। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया।


 इस दौरान छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया और हंगामा मचाया। इस दौरान कुछ पत्रकारों पर भी हमला किया गया, जिसमें वो घायल हो गये। इस दौरान यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ गया। यह मार्च पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार, शिक्षा के निजीकरण और पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 को खत्म करने के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ निकाला गया था। संगठन का कहना है कि विश्वविद्यालयों को सरकारी कार्यालय की तरह नहीं चलाया जाना चाहिए और छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। इस हंगामे के बाद फिर छात्र बीजेपी दफ्तर पहुंच गये और पत्थरबाजी करने लगे। पथराव होने के बाद बीजेपी कार्यकर्ता दफ्तर से बाहर निकल गये और छात्रों को खदेड़ना शुरू कर दिये। इस दौरान पुलिस ने फिर छात्रों पर लाठियां भांजी और उन्हें पथराव करने से रोका। 


वही दूसरी ओर पटना के सदाकत आश्रम स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर भी भारी बवाल हुआ। भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर हिंसक झड़प हुई। प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चले और जमकर पथराव हुआ, जिसमें कई लोगों के घायल होने की सूचना है। पटना के सदाकत आश्रम स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर बुधवार को भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई। भाजपा के प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले और पथराव हुआ, जिसके बाद पूरा इलाका रणक्षेत्र में बदल गया।


भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को देखते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता पहले से ही प्रदेश कार्यालय में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ता लाठी-डंडों के साथ कार्यालय परिसर में डटे हुए थे। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम समेत कई नेता भी वहां मौजूद थे। दोपहर करीब दो बजे भाजपा कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए सदाकत आश्रम पहुंचे। वहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ उनकी कहासुनी और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई।


झड़प के दौरान दोनों ओर से जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसमें करीब एक दर्जन लोगों के घायल होने की सूचना है। पथराव के कारण आसपास के इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। घटना के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद रही, लेकिन स्थिति को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। हंगामे के कारण दानापुर-गांधी मैदान सड़क पर यातायात भी प्रभावित हुआ और आवागमन बाधित हो गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम की ओर भी लगातार पथराव किया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पटना में हुए भारी बवाल के बाद केन्द्रीय सुरक्षा बलों को उतार दिया गया है। जिसमें एसएसबी, सीआरपीएफ, बीएसएफ के जवान शामिल हैं। 

पटना से शाहिल सिंगम की रिपोर्ट