PATNA: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत पटना की विशेष निगरानी अदालत ने बख्तियारपुर के तत्कालीन प्रखंड सांख्यिकी पर्यवेक्षक राम कुमार सिंह को रिश्वतखोरी के मामले में दोषी करार दिया है। इंदिरा आवास योजना की दूसरी किस्त जारी करने के बदले 8 हजार रुपये रिश्वत मांगने के मामले में उन्हें दोषी पाया गया। 27 अक्टूबर 2026 को विशेष न्यायालय निगरानी, पटना के न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने यह फैसला सुनाया।
2014 में रिश्वत लेते हुए हुई थी गिरफ्तारी
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, यह मामला निगरानी थाना कांड संख्या 31/2014 और विशेष वाद संख्या 40/2014 से जुड़ा है। परिवादी सुबोध प्रसाद, निवासी बरियारपुर, बख्तियारपुर ने आरोप लगाया था कि राम कुमार सिंह ने इंदिरा आवास योजना की दूसरी किस्त जारी करने के बदले उनसे 8 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए निगरानी की टीम ने 11 अप्रैल 2014 को राम कुमार सिंह को कथित तौर पर 8 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
दो धाराओं में सजा और 8 हजार रुपये जुर्माना
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 10 गवाहों की गवाही कराई गई। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के तत्कालीन अनुसंधानकर्ता पुलिस निरीक्षक नरेश शर्मा ने मामले में आरोपपत्र दाखिल किया। बिहार सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक किशोर कुमार सिंह ने पैरवी की।
अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत राम कुमार सिंह को 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 4 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, धारा 13(2) के साथ धारा 13(1)(डी) के तहत 4 वर्ष के सश्रम कारावास और 4 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई।
जुर्माना जमा नहीं करने पर 3 महीने के अतिरिक्त साधारण कारावास का प्रावधान बताया गया है। दोनों मुख्य सजाएं साथ-साथ चलेंगी। प्रेस विज्ञप्ति में भारतीय दंड संहिता के तहत 3 महीने के साधारण कारावास का भी उल्लेख है।
2026 में भ्रष्टाचार के 23 मामलों में दोषसिद्धि
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक भ्रष्टाचार के 23 मामलों में लोक सेवकों को अदालत से दोषी ठहराया जा चुका है। ब्यूरो के मुताबिक, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद वर्ष 2000 से 2024 के बीच 25 वर्षों में औसतन प्रति वर्ष 5.6 मामलों में सजा हुई थी। विभाग का दावा है कि वर्ष 2026 में अब तक हुई दोषसिद्धि की संख्या इस औसत से लगभग 4.1 गुना है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने कहा है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में अभियोजन की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।