Bihar News: पटना यूनिवर्सिटी में गुरुवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) के छात्रों ने जमकर हंगामा किया। एलएलबी परीक्षा के कथित पेपर लीक के विरोध और अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय बंद कराने की कोशिश की।
इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्र विश्वविद्यालय के कार्यालय में भी पहुंच गए और कर्मचारियों को बाहर निकलवा दिया।प्रदर्शन से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें छात्र संगठन के बैनर और झंडे लेकर विश्वविद्यालय कार्यालय में प्रवेश करते नजर आ रहे हैं। छात्र लगातार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज करा रहे हैं।
AISF के छात्र पिछले चार दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। छात्रों की प्रमुख मांगों में 3 अगस्त को हुई एलएलबी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों की निष्पक्ष जांच, परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा आयोजित कराना और केंद्रीय पुस्तकालय को 24 घंटे खोलना शामिल है।
बुधवार को छात्रों ने कुलपति प्रो. अजय कुमार का घेराव भी किया था। इससे पहले छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच मांगों को लेकर वार्ता हुई, लेकिन बातचीत सफल नहीं हो सकी। कुलपति की ओर से कहा गया कि छात्रों की कई मांगों पर निर्णय राजभवन स्तर से होना है, जबकि कुछ मामलों में विश्वविद्यालय स्तर पर निर्णय संभव नहीं है। इस जवाब के बाद आंदोलनकारी छात्र नाराज हो गए और उन्होंने विरोध तेज कर दिया।
भूख हड़ताल पर बैठे कुछ छात्रों की तबीयत बिगड़ने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने चिकित्सकों की टीम बुलाकर उनकी मेडिकल जांच कराई थी। वहीं, आंदोलन को तेज करने के लिए AISF कार्यकर्ताओं ने विभिन्न कॉलेजों में जाकर छात्रों से संपर्क भी किया।
धरने को संगठन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रवींद्र नाथ राय और जितेंद्र कुमार समेत अन्य नेताओं ने संबोधित किया। छात्र नेता निखिल झा ने विश्वविद्यालय की शिक्षा व्यवस्था, अधिकारियों और छात्रों के बीच संवाद की कमी तथा विद्यार्थियों को सुविधाएं नहीं मिलने को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठाए।
AISF ने एलएलबी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले की निष्पक्ष जांच और परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की मांग की है। इसके अलावा पीजी में बढ़ाई गई फीस वापस लेने, केंद्रीय पुस्तकालय को 24 घंटे खोलने और पीजी नामांकन में पुराना कोटा बहाल करने समेत अन्य मांगें रखी गई हैं।
छात्रों ने पहले ही गुरुवार को विश्वविद्यालय बंद कराने की घोषणा की थी। अब आंदोलन के दौरान हुए हंगामे के बाद विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। AISF ने अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।