Bird Flu in Patna: पटना में बर्ड फ्लू की पुष्टि से हड़कंप, संक्रमित क्षेत्र में हजारों मुर्गियां मारी गईं; एक सप्ताह के लिए Zoo बंद Bird Flu in Patna: पटना में बर्ड फ्लू की पुष्टि से हड़कंप, संक्रमित क्षेत्र में हजारों मुर्गियां मारी गईं; एक सप्ताह के लिए Zoo बंद बांका में ‘विकसित भारत युवा संसद 2026’ का आयोजन, 132 युवाओं ने लिया भाग बिहारियों को बड़ी राहत: होली के लिए पहले दिन 51 बसों का हुआ परिचालन, तीन दिन में हजारों प्रवासी पहुंचे घर बिहारियों को बड़ी राहत: होली के लिए पहले दिन 51 बसों का हुआ परिचालन, तीन दिन में हजारों प्रवासी पहुंचे घर Bihar News: घर की छत पर बागवानी कर बढ़ाएं अपनी आय, बिहार सरकार दे रही इतना अनुदान; जानिए.. Bihar News: घर की छत पर बागवानी कर बढ़ाएं अपनी आय, बिहार सरकार दे रही इतना अनुदान; जानिए.. Bihar Education News: बिहार के 626 स्कूलों पर शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, काट लिए 11.30 लाख; हेडमास्टरों से स्पष्टीकरण Bihar Education News: बिहार के 626 स्कूलों पर शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, काट लिए 11.30 लाख; हेडमास्टरों से स्पष्टीकरण गोद भराई पर पति ने हेलीकॉप्टर से बरसाए फूल, यादगार बनाया समारोह
27-Feb-2026 03:43 PM
By First Bihar
DESK:बिहार की राजधानी पटना में हुई अनोखी शादी सोशल मीडिया पर सुर्खियां बतौर रही है। यहां यादव समाज के एक जोड़े ने संविधान को साक्षी मानते हुए शादी की। दूल्हा अनंत यादव IITian है और अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी (SDM स्तर का अधिकारी) हैं जबकि दुल्हन भी उन्हीं के बैच की प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी हैं। दोनों ओबीसी यादव समाज से आते हैं।
पटना में इनकी शादी संविधान की शपथ लेकर हुई, इनकी शादी पाखंड मुक्त तरीके से! हुई। ना कोई पंडित, ना मंत्रोच्चार, ना दहेज और ना फिजूलखर्ची... बस संविधान की शपथ और बराबरी का संदेश। इन दोनों का यह कदम किसी क्रांति से कम नहीं है। पटना में हुई अनोखी शादी में ना फेरे हुए ना पंडित की जरूर पड़ी। ना ही वर-वधू ने 7 वचन लिये। संविधान को साक्षी मानकर दोनों ने विवाह किया। इस शादी की चर्चा सोशल मीडिया पर खूब हो रही है।
लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं। कोई इसे सही तो कोई इसे गलत बता रहा है। हालांकि इस तरह की शादी पहली बार नहीं हुई है। पटना में एक यूट्यूबर ने भी इसी तरह संविधान को साक्षी मानकर शादी की थी, तब भी उस विवाह की खूब चर्चा हुई थी। इससे पहले भी अन्य राज्यों में इस तरह की शादी हो चुकी है।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई स्थित कलोग गांव में 26 अक्टूबर 2025 को दो सगे भाईयों (सुनील और विनोद) ने संविधान को साक्षी मानकर विवाह किया था। दोनों भाईयों ने एक अनोखी पहल करते हुए बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के विचारों से प्रेरित होकर विवाह समारोह में बदलाव किया था। उन्होंने पारंपरिक ब्रह्म विवाह की जगह संविधान को साक्षी मानकर विवाह करने का फैसला लिया था। इस विवाह समारोह में न तो फेरे हुए, न कोई पंडित था और न ही अग्नि को साक्षी मानकर 7 वचन लिए गए।
सरकारी नौकरी करने वाले दोनों भाइयों ने अपनी दुल्हनों के साथ संविधान को साक्षी मानकर जीवन भर साथ रहने की प्रतिज्ञा ली थी और अपने बड़ों का आशीर्वाद प्राप्त किया था। सुनील कुमार ने रितु और विनोद कुमार ने रीना वर्मा से अनोखी शादी की थी। शादी के कार्ड पर भी एक तरफ महात्मा बुद्ध और दूसरी तरफ संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की तस्वीर दर्शाई गई थी। विवाह के दौरान नवविवाहित जोड़े ने संविधान को साक्षी मानकर अपने नए जीवन की शपथ ली।
ठीक इसी तरह संविधान को साक्षी मानकर पिछले साल राजस्थान में दो जजों ने शादी की थी। जिनकी सादगी की चर्चा तब खूब हुई थी। बानसूर गांव गूंता शाहपुर निवासी हेमंत मेहरा और हनुमानगढ़ निवासी करीना काला दोनों न्यायिक अधिकारी ने बिना दहेज, बिना फिजूलखर्ची और संविधान को साक्षी मानकर नवम्बर 2025 में विवाह कर समाज के लोगों को एक संदेश दिया था। इन जोड़ों ने दहेज के खिलाफ सामाजिक सादगी का ऐसा उदाहरण पेश किया जो हजारों लोगों को प्रेरित करने का काम कर रहा है।

हिमाचल प्रदेश में 26 अक्टूबर 2025 को सुनील कुमार ने रितु और विनोद कुमार ने रीना वर्मा से संविधान को साक्षी मानकर की थी शादी

नवम्बर 2025 में राजस्थान के जब जस्टिस हेमंत मेहरा और जज जस्टिस करीना काला ने की थी अनोखी शादी