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22-Mar-2026 03:00 PM
By First Bihar
Bihar News : राजधानी पटना के बेउर थाना क्षेत्र अंतर्गत दशरथा मोड़ के पास उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सड़क किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ। सुबह-सुबह इस घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर कोई इस रहस्यमयी मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं करने लगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शव सड़क किनारे संदिग्ध अवस्था में पड़ा हुआ था। शुरुआती नजर में ही यह स्पष्ट हो गया कि व्यक्ति की मौत सामान्य नहीं है, लेकिन उसकी पहचान तुरंत नहीं हो सकी। आसपास के लोगों ने मृतक को पहचानने की कोशिश की, मगर किसी ने भी उसे इलाके का निवासी नहीं बताया। इससे मामला और अधिक रहस्यमय हो गया।
स्थानीय लोगों ने तुरंत घटना की सूचना बेउर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलने के कुछ समय बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस की कार्रवाई को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली। आरोप है कि पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित करने या जरूरी जांच प्रक्रिया अपनाने के बजाय जल्दबाजी दिखाई।
मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि पुलिस ने न तो फॉरेंसिक टीम को बुलाया और न ही घटनास्थल को सील किया। आमतौर पर ऐसी परिस्थितियों में पुलिस को मौके की घेराबंदी कर साक्ष्यों को सुरक्षित रखना चाहिए, ताकि घटना की सटीक जांच की जा सके। लेकिन यहां ऐसा कुछ भी नहीं किया गया।
सबसे हैरानी की बात यह रही कि पुलिस ने शव को जल्दबाजी में तिरपाल में लपेटा और एक पिकअप वाहन में डालकर वहां से रवाना हो गई। इस दौरान न तो मौके की वीडियोग्राफी कराई गई और न ही साक्ष्य जुटाने की कोई गंभीर कोशिश की गई। इससे स्थानीय लोगों के बीच पुलिस की कार्यशैली को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि अगर पुलिस सही तरीके से जांच करती, तो संभव है कि कुछ अहम सुराग मिल सकते थे। कई लोगों ने यह भी आशंका जताई कि यह हत्या का मामला हो सकता है, जिसे लापरवाही के कारण दबाया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
वहीं, इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े सड़क किनारे शव मिलना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अगर राजधानी में ही इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा। साथ ही, मृतक की पहचान के लिए आसपास के थानों को सूचना दी गई है और गुमशुदगी के मामलों से मिलान किया जा रहा है।
फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि व्यक्ति की मौत कैसे हुई और वह यहां तक कैसे पहुंचा। पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है, लेकिन जिस तरह से शुरुआती कार्रवाई में लापरवाही सामने आई है, उसने जांच की पारदर्शिता और गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हमारी पुलिस व्यवस्था संवेदनशील मामलों में तय मानकों का पालन कर रही है या नहीं। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करती है और क्या मृतक की पहचान व मौत की असल वजह सामने आ पाती है या नहीं।
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