Bihar News : पटना में नेहरू पथ और आसपास के इलाकों में लगातार बन रहे ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। राजाबाजार फ्लाईओवर से राजवंशीनगर की तरफ आने वाले ऑटो और ई-रिक्शा के लिए नया रूट तय किया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब इन वाहनों को सीधे नेहरू पथ की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें चिड़ियाघर के पास यू-टर्न लेकर निर्धारित वैकल्पिक मार्ग से आगे बढ़ना होगा।
ट्रैफिक व्यवस्था में किए गए इस बदलाव का उद्देश्य नेहरू पथ के आसपास लगने वाले जाम को नियंत्रित करना और प्रमुख सड़कों पर वाहनों के दबाव को कम करना है। खासकर पीक आवर में राजाबाजार, राजवंशीनगर, चिड़ियाघर और एयरपोर्ट रोड के आसपास वाहनों की संख्या बढ़ने से यातायात प्रभावित होता है। ऐसे में नई रूट व्यवस्था को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
चिड़ियाघर के पास लेना होगा यू-टर्न
नई व्यवस्था के अनुसार राजाबाजार फ्लाईओवर से राजवंशीनगर की ओर आने वाले ऑटो और ई-रिक्शा चिड़ियाघर के पास यू-टर्न लेकर डुमरा पुलिस चौकी की तरफ जाएंगे। इसके बाद वाहनों को एयरपोर्ट रोड के रास्ते आगे बढ़ाया जाएगा।
वैकल्पिक मार्ग से चलने वाले ये ऑटो और ई-रिक्शा पीर अली पथ की ओर जाएंगे और फिर चितकोहरा के पास निकलेंगे। इस रूट के जरिए वाहनों को नेहरू पथ के उस हिस्से से अलग रखने की कोशिश की गई है, जहां जाम की समस्या अक्सर देखने को मिलती है।
यात्रियों को करना पड़ सकता है अतिरिक्त सफर
रूट बदलने का असर ऑटो और ई-रिक्शा से सफर करने वाले यात्रियों पर भी पड़ सकता है। जिन यात्रियों का गंतव्य राजवंशीनगर, राजाबाजार या उसके आसपास का इलाका है, उन्हें नए रूट के कारण कुछ अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है।
हालांकि, ट्रैफिक व्यवस्था बदलने का मुख्य उद्देश्य लंबी अवधि में यात्रियों को जाम से राहत दिलाना है। अगर नई व्यवस्था से मुख्य सड़क पर वाहनों का दबाव कम होता है, तो पीक आवर में सफर का समय भी घट सकता है।
नई व्यवस्था के बाद होगी ट्रैफिक दबाव की समीक्षा
यातायात व्यवस्था लागू करने के बाद संबंधित मार्गों पर वाहनों के दबाव का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर आगे जरूरत के अनुसार बदलाव भी किए जा सकते हैं। प्रशासन की कोशिश है कि वैकल्पिक रूट पर भी जाम की स्थिति पैदा न हो और ऑटो-ई-रिक्शा समेत दूसरे वाहनों की आवाजाही सुचारू बनी रहे।
पटना में तेजी से बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के बीच ट्रैफिक मैनेजमेंट बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। खासकर प्रमुख फ्लाईओवर, चौराहों और बाजार वाले इलाकों में सुबह और शाम के समय वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है। ऐसे में अलग-अलग मार्गों पर ट्रैफिक को डायवर्ट कर दबाव कम करने की रणनीति अपनाई जा रही है।
वाहन चालकों से सहयोग की अपील
नई व्यवस्था के बाद ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए जरूरी होगा कि वे निर्धारित रूट का ही इस्तेमाल करें। ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करने और पुराने रास्ते पर जाने की कोशिश करने से जाम की स्थिति फिर गंभीर हो सकती है।
फिलहाल नई व्यवस्था के असर पर नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि बदले हुए रूट से नेहरू पथ और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक जाम कितना कम होता है। अगर व्यवस्था प्रभावी रहती है तो पटना के अन्य व्यस्त मार्गों पर भी इसी तरह के ट्रैफिक प्रबंधन उपाय किए जा सकते हैं।