PATNA: पटना के मुसल्लहपुर स्थित खान ग्लोबल इंस्टीट्यूट पर हुए हमले मामले की जांच में पुलिस जुटी हुई है। फायरिंग का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने खान सर के दो बॉडीगार्ड को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वही पहले फायरिंग की बात करने और फिर बाद में बयान बदलने को लेकर पुलिस खान सर से भी पूछताछ कर रही है। वही ज्ञान बिंदु जी.एस. एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद की रिहाई को लेकर छात्र-छात्राएं सड़क पर उतर गये हैं। पटना के कारगिल चौराहे पर हजारों हजार की संख्या में पहुंचे छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया और खान सर की गिरफ्तारी और रौशन आनंद की रिहाई की मांग की। इस दौरान कैडिल मार्च भी निकाला गया। 


मुसल्लहपुर से गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक तक सड़क मार्च करते हुए पहुंचे छात्रों का आरोप है कि खुद गोली चलवाकर खान सर कह रहे हैं कि रौशन आनंद सर ने गोली चलवाया है। हमारे रौशन सर को खान सर ने फंसाने का काम किया है। छात्रों का गुस्सा साफ देखने को मिल रहा था। छात्रों का कहना है कि रात में खान सर बोले कि गोली चलते अपनी आंखों से देखे हैं और सुबह होते होते उनका बयान बदल गया। ज्ञान बिंदु की सफलता से घबराकर खान सर ने रौशन सर को फंसाने के लिए यह घिनौना काम किया। रौशन आनंद को जल्द से जल्द रिहा करना चाहिए और खान सर को शीघ्र गिरफ्तार किया जाना चाहिए। 


छात्रों ने पुलिस और सरकार से मांग किया कि दोषी को गिरफ्तार कीजिए और निर्दोष को रिहा कीजिए। रौशन सर को फंसाने के लिए खान सर के द्वारा षड्यंत्र रचा गया है। देखिये खान सर के दो गार्डों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिसिया जांच के बाद सब दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। खान मास्टर ने खुद गोली चलवाया और रौशन सर को फंसाने का षड्यंत्र रचा है। जब तक रौशन सर की रिहाई नहीं होगी तब तक हम अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।


छात्रों का कहना है कि खान सर जो आरोप लगा रहे हैं वो पूरी तरह गलत और निराधार है। रौशन सर निर्दोष हैं उनको रिहा किया जाना चाहिए। बिना सबूत के किसी को आप अरेस्ट नहीं कर सकते हैं, जबकि रौशन सर को बिना सबूत के गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है लेकिन खान सर के खिलाफ सबूत रहने के बावजूद उनको अभी तक अरेस्ट नहीं किया गया। रौशन सर की रिहाई के लिए जान देना पड़ेगा तब हम जान देने के लिए तैयार है। 26 जुलाई को हम सबका एग्जाम है, रौशन सर पढ़ाएंगे तब ना हम पास होंगे।  


दरअसल, 2 जून को खान ग्लोबल इंस्टीट्यूट पर हुए हमले के दौरान हुई फायरिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में खान सर के दोनों अंगरक्षक फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस की एक टीम खान ग्लोबल इंस्टीट्यूट पहुंची और दोनों अंगरक्षकों को हिरासत में लेकर कदमकुआं थाने ले गई। वहां पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फायरिंग में इस्तेमाल की गई गन भी बरामद कर ली गई है। पूछताछ के दौरान दोनों अंगरक्षकों ने फायरिंग करने की बात स्वीकार कर ली है। इसके बाद पुलिस अब पूरे घटनाक्रम को लेकर खान सर से भी सवाल-जवाब कर रही है। इस मामले में खान सर पहले ही अपने एक महत्वपूर्ण बयान में बदलाव कर चुके हैं। हमले वाले दिन उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने अपनी आंखों से करीब 8 से 10 राउंड फायरिंग होते देखी थी और फायरिंग के कारण इलाके में अफरातफरी मच गई थी। हालांकि, अगले दिन यानी 3 जून को उन्होंने कहा कि घटना के समय माहौल बेहद तनावपूर्ण था और उन्हें पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं थी। उन्होंने बताया कि अंगरक्षकों ने जो जानकारी दी थी, उसी के आधार पर उन्होंने अपनी बात कही थी।


खान सर ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया था कि उनके संस्थान के पास स्थित ज्ञान बिंदु जी.एस. एकेडमी ने हमले की साजिश रची है। उनका कहना था कि कम फीस में शिक्षा उपलब्ध कराने के कारण वे अन्य कोचिंग संस्थानों के निशाने पर हैं। उन्होंने यह भी दावा किया था कि उन्हें पहले से धमकियां मिल रही थीं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और खान सर से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जा सकती है। 

पटना से लिंगम की रिपोर्ट