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02-Feb-2026 09:53 AM
By First Bihar
Bihar ship repair center : बिहार में वाटर वे को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय बजट में एक अहम घोषणा की गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान पटना में शिप रिपेयर सेंटर स्थापित करने की योजना का ऐलान किया। यह सेंटर न सिर्फ राज्य में जलमार्ग से माल परिवहन को बढ़ावा देगा, बल्कि रोजगार और उद्योग को भी प्रोत्साहित करेगा। जानकारी के मुताबिक, यह सेंटर पटना के दीघा क्षेत्र में जेपी सेतु और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के बीच लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा।
भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) ने बताया कि शिप रिपेयर सेंटर का निर्माण कार्य अप्रैल 2026 से शुरू किया जा सकता है। यह सेंटर करीब 5 एकड़ भूमि में विकसित किया जाएगा। इसमें कई छोटे-बड़े शिप की रिपेयरिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही, माल के भंडारण के लिए गोदाम और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी बनाई जाएंगी। सेंटर के जरिए जलमार्ग से माल की ढुलाई को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।
पटना में पहले ही गायघाट पर हाई-लो लेवल जेटी, गोदाम और अन्य सुविधाएं विकसित की जा चुकी हैं। इसके अलावा, सात ऐसे कॉमर्शियल घाट हैं, जहां सुविधाओं का निर्माण कार्य जारी है। साथ ही अन्य घाटों को भी चिन्हित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में जलमार्ग के माध्यम से माल परिवहन और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके।
शिप रिपेयर सेंटर के बनने से राज्य में कई तरह के फायदे होंगे। सबसे बड़ा फायदा रोजगार सृजन का होगा। सेंटर में काम करने वाले युवाओं को प्रशिक्षण मिलेगा और इससे उनकी स्किल डेवलपमेंट में मदद मिलेगी। इसके अलावा स्पेयर पार्ट्स, होटल, ढाबा और अन्य सहायक व्यवसाय भी सेंटर के आसपास विकसित हो सकेंगे। शिप रिपेयरिंग में समय और खर्च दोनों की बचत होगी, क्योंकि अब शिप को रिपेयर के लिए कोलकाता या वाराणसी नहीं ले जाना पड़ेगा।
इसके साथ ही बिहार में निवेशकों को आकर्षित करने में यह सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नई इंडस्ट्रीज और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। जलमार्ग के माध्यम से माल परिवहन आसान होने से राज्य के वाणिज्यिक क्षेत्र में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। टूरिज्म सेक्टर में भी यह सेंटर सहायक होगा। बिहार में पर्यटन के लिए इस्तेमाल होने वाले शिप की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है।
सरकार ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि यह शिप रिपेयर सेंटर 2027 तक बनकर तैयार हो जाए। बजट भाषण के दौरान यह भी घोषणा की गई कि वाराणसी में भी शिप रिपेयर सेंटर स्थापित किया जाएगा। इससे उत्तर भारत में जलमार्ग आधारित परिवहन और लॉजिस्टिक सिस्टम को मजबूती मिलेगी।
शहर और राज्य के लिए यह परियोजना कई मायनों में महत्वपूर्ण है। यह न केवल आर्थिक दृष्टि से लाभकारी होगी, बल्कि युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण का अवसर भी प्रदान करेगी। इसके अलावा, यह परियोजना बिहार में जलमार्गों के महत्व को और बढ़ाएगी, जिससे राज्य में व्यापार और पर्यटन के नए अवसर खुलेंगे।
पटना शिप रिपेयर सेंटर का निर्माण राज्य की अर्थव्यवस्था, उद्योग और पर्यटन को नई दिशा देने में सहायक होगा। सरकार की योजना है कि इस सेंटर के संचालन के बाद जलमार्ग आधारित परिवहन अधिक प्रभावी और लागत-कुशल होगा। इस सेंटर से बिहार में निवेश, रोजगार और उद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है, और यह राज्य के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस प्रकार, पटना में शिप रिपेयर सेंटर बिहार के लिए नई संभावनाओं और अवसरों का द्वार खोलेगा, जो जलमार्गों के उपयोग को बढ़ावा देने और राज्य में आर्थिक समृद्धि लाने में मदद करेगा।