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06-Mar-2026 08:55 AM
By First Bihar
Patna NEET student death case : बिहार की राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब और ज्यादा संगीन और सनसनीखेज मोड़ ले चुका है। इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए बिहार सरकार ने अधिसूचना में संशोधन करते हुए इस केस में POCSO एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी हैं। इसके साथ ही अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को इस मामले में यौन अपराध से जुड़े पहलुओं की भी गहराई से जांच करने का पूरा अधिकार मिल गया है।
दरअसल, गृह विभाग की आरक्षी शाखा ने 31 जनवरी 2026 को जारी पहले के आदेश में संशोधन करते हुए चित्रगुप्त नगर थाना कांड संख्या 14/2026 में POCSO एक्ट 2012 की धारा 4 और 6 को शामिल कर लिया है। इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 64 और अन्य संबंधित धाराओं को भी अधिसूचना में जोड़ा गया है। इस बदलाव के बाद अब CBI को इन सभी धाराओं के तहत मामले की जांच और निगरानी करने की कानूनी शक्ति मिल गई है।
गौरतलब है कि 9 जनवरी 2026 को जब पटना पुलिस ने चित्रगुप्त नगर थाने में इस मामले की प्राथमिकी दर्ज की थी, तब उसमें POCSO एक्ट की धाराएं शामिल नहीं की गई थीं। उस समय शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस इसे संदिग्ध आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही थी। हालांकि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कई ऐसे तथ्य और सुराग सामने आए जिनसे इस केस की दिशा बदलती दिखाई दी।
मामला जब अदालत तक पहुंचा तो न्यायालय ने भी जांच एजेंसियों से कई कड़े सवाल किए। कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर पूछा कि जब पीड़िता नाबालिग है और मामले में यौन अपराध के संकेत सामने आ रहे हैं, तो आखिर POCSO एक्ट की धाराएं क्यों नहीं लगाई गईं। अदालत की इस सख्त टिप्पणी के बाद सरकार ने अपने फैसले पर पुनर्विचार किया और अधिसूचना में संशोधन करते हुए POCSO की धाराओं को जोड़ दिया।
यह सनसनीखेज मामला पटना के चित्रगुप्त नगर इलाके में स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़ा है, जहां कई छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए रहती हैं। जानकारी के मुताबिक 6 जनवरी 2026 को छात्रा अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोशी की हालत में मिली थी। हॉस्टल प्रबंधन और अन्य छात्राओं ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताई।
छात्रा को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन पांच दिनों तक चले इलाज के बाद 11 जनवरी 2026 को उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका के परिजनों ने शुरू से ही इस मामले में दुष्कर्म और हत्या की आशंका जताई थी। उनका आरोप था कि उनकी बेटी के साथ किसी गंभीर अपराध को अंजाम दिया गया है और पूरे मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की जा रही है।
दूसरी ओर, शुरुआती जांच में पुलिस इस मामले को आत्महत्या की दिशा में देख रही थी। लेकिन अब POCSO एक्ट की धाराएं जुड़ने और CBI को व्यापक जांच का अधिकार मिलने के बाद केस का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। इससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि जांच एजेंसियां अब इस मामले के हर पहलू की गहराई से पड़ताल करेंगी।
बहरहाल POCSO की धाराएं जुड़ने के बाद जांच का दायरा काफी बढ़ गया है। अब CBI को न केवल मौत के कारणों की जांच करनी होगी, बल्कि यह भी पता लगाना होगा कि क्या छात्रा के साथ किसी तरह का यौन अपराध हुआ था या नहीं। साथ ही हॉस्टल प्रबंधन, वहां रहने वाले अन्य लोगों और घटना से जुड़े हर संभावित व्यक्ति से पूछताछ की जा सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सभी की निगाहें CBI की जांच पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में जांच एजेंसी सच्चाई को सामने लाएगी और अगर किसी भी तरह का अपराध हुआ है तो दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा दिलाई जाएगी।