PATNA: पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल पर अपनी मांगों को लेकर विद्यालय परिचारी पिछले दो सप्ताह से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। मंगलवार को आंदोलनकारी अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए थाली बजाते हुए सड़कों पर उतर आए। उनके हाथों में 'नियुक्ति नहीं तो मृत्यु दो' और 'परिचारी एकता जिंदाबाद' जैसे नारे लिखी तख्तियां थीं।
आंदोलनकारियों ने पुलिस के सामने चम्मच से थाली बजाकर विरोध जताया। थाली की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने के लिए उन्होंने यह अनोखा तरीका अपनाया है।
'स्वास्थ्य जानने भी नहीं आए मंत्री-अधिकारी'
आंदोलनकारी लोकेश कुमार ने कहा कि वे लोग आमरण अनशन पर बैठे हैं, लेकिन अब तक कोई मंत्री या अधिकारी उनका स्वास्थ्य जानने तक नहीं आया है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी शुरुआत से ही शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और आज भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया।
लोकेश कुमार ने कहा, "कोरोना के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से थाली बजाने की अपील की थी। उसी तरह आज हम लोग भी थाली बजा रहे हैं। इस थाली की आवाज के जरिए अपनी मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहते हैं।"
उन्होंने कहा कि वे लोग विद्यालय परिचारी की नौकरी की मांग कर रहे हैं। अधिकारियों की कथित गलती का खामियाजा परिचारियों को भुगतना पड़ रहा है।
'9719 परिचारी नियुक्ति से वंचित'
सहरसा से पटना पहुंचे आंदोलनकारी संजीव कुमार ने मुख्यमंत्री से नियुक्ति की मांग करते हुए कहा कि 9719 विद्यालय परिचारी नियुक्ति से वंचित हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इन सभी की जल्द से जल्द नियुक्ति करने की अपील की।
संजीव कुमार ने कहा कि नियुक्ति नहीं होने के कारण वे लोग सड़कों पर आने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा, "हम लोगों को नियुक्ति देकर जीवनदान दे दें।"
'15 साल से दर-दर भटक रहे'
एक अन्य आंदोलनकारी ने कहा कि विद्यालय परिचारी पिछले करीब 15 वर्षों से अपनी नियुक्ति के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार धरना-प्रदर्शन किया गया और कई बार सड़कों पर उतरना पड़ा। आंदोलनकारी ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें लाठीचार्ज का भी सामना करना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उनके गार्जियन हैं और उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री उनकी मांगों को जरूर पूरा करेंगे।
आंदोलनकारियों के मुताबिक, विद्यालय परिचारी की बहाली से जुड़ा मामला वर्ष 2012 से लंबित है। अब नियुक्ति की मांग को लेकर परिचारियों ने आंदोलन तेज कर दिया है और पिछले दो सप्ताह से गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।